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एचएएल बनाएगी नये लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, सेना को ऐसे मिलेगी मदद

एचएएल के इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक अरूप चटर्जी ने कहा कि सभी इलाकों में और हर तरह के मौसम की स्थिति में लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर का बुनियादी प्रदर्शन संतोषजनक है. एचएएल लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर के निर्माण और इसकी उड़ान परीक्षण के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है.

HAL बनाएगा लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर HAL बनाएगा लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर

  • लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर का निर्माण करेगी HAL
  • पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की लेगा जगह

भारत ने सेना के आधुनिकीकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है. भारतीय कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अब भारतीय एयरफोर्स और आर्मी के लिए लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) का निर्माण करेगी. ये लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर सेना की फ्लीट में शामिल पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की जगह लेंगे.

लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर के घरेलू निर्माण के लिए शुरुआती क्लियरेंस मिल गई है, जिससे भारत में ही इनके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना की ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत में ही डिजाइन और विकसित किए गए करीब 200 हेलीकॉप्टरों का निर्माण करेगी.

यह महत्वपूर्ण घोषणा लखनऊ में चल रहे डिफेंस एक्सपो में की गई है.

डिफेंस एक्सपो 2020 में आयोजित कार्यक्रम 'बंधन' में एचएएल के सीएमडी आर माधवन ने डीआरडीओ के डिपॉटमेंट आफ डिफेंस R&D एंड चेयरमैन के सचिव जी सतीश रेड्डी के हाथों प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (IOC) के कागजात प्राप्त किए. इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.

एचएएल के सीएमडी आर माधवन ने कहा, "एचएएल के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है. यह स्व-निर्भरता पर स्वदेशी कार्यक्रमों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और भारतीय सशस्त्र बलों के ऑपरेशनल प्रभाव को बढ़ाता है. HAL समयबद्ध तरीके से अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है."

एचएएल के इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक अरूप चटर्जी ने कहा कि सभी इलाकों में और हर तरह के मौसम की स्थिति में लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर का बुनियादी प्रदर्शन संतोषजनक है. एचएएल लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर के निर्माण और इसकी उड़ान परीक्षण के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है.

हर तरह के मौसम में उड़ान भरने में सक्षम

एचएएल ने अपने एक बयान में कहा, "अब तक तीन प्रोटोटाइप बनाए गए हैं. विभिन्न इलाकों और जलवायु परिस्थितियों जैसे ठंड के मौसम, गर्म मौसम, समुद्र-स्तर और बेहद ऊंचाई के तहत 550 से अधिक उड़ानों को पूरा किया गया है. यह प्रयोग कड़े प्रमाणीकरण और उपयोगकर्ता की जरूरतों का अनुपालन करते हैं.

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एचएएल ने कहा कि परीक्षणों के दौरान इस हेलीकॉप्टर की क्षमता और विश्वसनीयता स्थापित हुई है. यह हर तरह के मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है. गर्म और ऊंचाई वाले मौसम को लेकर किए गए परीक्षण के लिए इसने बेंगलुरु से उड़ान भरी, 7000 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की और और बिना किसी गड़बड़ी के 17 दिनों तक लगातार उड़ान भरी.

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