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बालाकोट में आतंकियों के सक्रिय होने पर बोले राजनाथ- सेना तैयार है

बालाकोट में फिर से आतंकियों के सक्रिय होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि फ्रिक ना करें, हमारी सेना तैयार है. तरनतारन ड्रोन केस पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खत पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे जवान तैयार हैं और मुंहतोड़ जवाब देंगे.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईसीजीएस वराह को शुरू किया (फोटो-अक्षय) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईसीजीएस वराह को शुरू किया (फोटो-अक्षय)

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि फ्रिक ना करें, हमारे सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार
  • बिपिन रावत ने कहा था- पाक ने फिर बालाकोट में आतंकी कैंपों को सक्रिय किया

बालाकोट में फिर से आतंकियों के सक्रिय होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि फ्रिक ना करें, हमारी सेना तैयार है. तरनतारन ड्रोन केस पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खत पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे जवान तैयार हैं और मुंहतोड़ जवाब देंगे. चाहे वह सेना हो, वायु सेना या नौसेना.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'चिंता ना करें, हमारे सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं.' रक्षा मंत्री का यह बयान भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत के बालाकोट से जुड़े बयान के 2 दिन बाद आया है. चेन्नई में एक कार्यक्रम में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि पाकिस्तान ने फिर से बालाकोट में आतंकी कैंपों को सक्रिय कर दिया है. भारत ने एयरस्ट्राइक कर बालाकोट को ध्वस्त कर दिया था. लेकिन पिछले 8 महीनों में पाकिस्तान इस जगह पर फिर से आतंकी गतिविधियां करने लगा है.

इस साल 26 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किया था. इस स्ट्राइक में जैश के ट्रेनिंग कैंप नष्ट कर दिए गए थे.

क्या भारतीय सेना फिर एयरस्ट्राइक करेगी, इस पर उन्होंने कहा कि हम एयरस्ट्राइक को ही रिपीट क्यों करेंगे. इससे आगे क्यों नहीं जा सकते हैं. सेना ने सीमा पर पूरी तैयारी की है और नियंत्रण रेखा पर और भी सैनिकों को तैनात किया गया है. आतंकियों को भारत के अंदर घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान सीजफायर तोड़ता है, लेकिन इन परिस्थितियों से कैसे निपटना है, ये हमें पता है.

आईसीजीएस वराह का कमीशन

अपनी यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री ने बुधवार को भारतीय तटरक्षक पोत (आईसीजीएस) वराह को कमीशन (शुरू) भी किया. रक्षा मंत्रालय के साथ एक करार के तहत एक निजी एजेंसी द्वारा विकसित वराह एक अपतटीय गश्ती वाहन है. निजी फर्म इस करार के हिस्से के रूप में 7 अपतटीय गश्ती वाहनों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें से पहले दो को पहले ही वितरित और कमीशन किया जा चुका है.

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने दो दिवसीय चेन्नई दौरे के दौरान मंगलवार को भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के अधिष्ठापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

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