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डीडीसीए में घमासान-COO टर्मिनेट, प्रेसिडेंट से पावर वापस लेने के पक्ष में डायरेक्टर

डीडीसीए में फिर घमासान मच गया है. अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रेसिडेंट रजत शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. साथ ही सीओओ को टर्मिनेट कर गया है.

सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में एक बार फिर घमासान छिड़ गया है. डीडीसीए के 16 पदाधिकारियों में 10 ने प्रेसिडेंट रजत शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसके अलावा डीडीसीए के सीओओ जीआर सक्सेना को टर्मिनेट कर दिया गया है. डीडीसीए के सचिव विनोद तिहाड़ा ने कहा कि डीडीसीए के 10 पदाधिकारी प्रेसिडेंट की कार्यशाली के खिलाफ एकमत हो गए हैं. उन्होंने प्रेसिडेंट को हर फैसला एपेक्स काउंसिल में लेने के लिए कहा है. तिहाड़ा ने कहा कि अब तक प्रेसिंडेट बिना डायरेक्टर के सहमति के ही फैसला ले लेते थे.

बता दें कि 2 जुलाई 2018 को नई कार्यकारिणी के गठन के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रेसिडेंट रजत शर्मा को सारी पावर दे दी थी. एपेक्स काउंसिल में फैसले को लेकर संयुक्त प्रस्ताव पर राकेश बंसल, विनाद तिहाड़ा. राजन मनचंदा, रेनू खन्ना, संजय भारद्वाज, आलोक मित्तल, अपूर्व जैन, नितिन गुप्ता, एसएन शर्मा व सुधीर अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए हैं.

thumbnail_042219084952.jpgसंयुक्त प्रस्ताव पत्र

तिहाड़ा के निलंबन को हाईकोर्ट ने कर दिया था खारिज

इससे पहले विनोद तिहाड़ा को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पावर का गलत उपयोग करने के आरोप में सस्पेंड किया गया था. तिहाड़ा को सस्पेंड करने का फैसला कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया था. 15 में से 12 सदस्यों ने तिहाड़ा को सस्पेंड करने के फैसले का समर्थन किया था. विनोद तिहाड़ा ने डीडीसीए अध्यक्ष रजत शर्मा के फैसलों को चुनौती देने की कोशिश की थी. इसके बाद डीडीसीए सचिव कोर्ट चले गए थे. उनको निलंबित किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने डीडीसीए को फटकार लगाई थी. जस्टिस अनु मल्होत्रा की बेंच ने लोअर कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद तिहाड़ा के निलंबन को खारिज कर दिया था.

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