नापाक इरादों के साथ दहशतगर्द देश में एक बार फिर 26/11 जैसे हमले की कोशिश कर सकते हैं. खुफिया एजेंसियों ने शुक्रवार को सरकार को आगाह किया है कि आतंकी हिंदुस्तान के छोटे बंदरगाहों को निशाना बनाने की फिराक में हैं. यही नहीं, बताया जाता है कि आतंकियों की हिट लिस्ट में एक-दो नहीं बल्कि ऐसे 180 बंदरगाह शामिल हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि छोटे बंदरगाह और छोटे द्वीप आतंकियों के निशाने पर हैं. आतंकी इन पर कम सुरक्षा व्यवस्था का लाभ उठाकर हिंदुस्तान में घुसपैठ कर सकते हैं.
सुरक्षा बैठक में दिया प्रेजेंटेशन
शुक्रवार को गृह मंत्रालय में आतंरिक सुरक्षा पर बैठक के दौरान खुफिया एजेंसियों ने केंद्र सरकार को एक प्रेजेंटेशन दिया है. इसमें IB ने बंदरगाहों और द्वीपों के सुरक्षा ऑडिट के बाद रिपोर्ट भी दी है. प्रेजेंटेशन के बाद हरकत में आई सरकार ने 26/11 के हमले के बाद कोस्टल सिक्योरिटी के लिए बनाए गए SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्योर) को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं.
गौरतलब है कि साल 2008 के मुंबई हमलों के लिए भी आतंकियों ने समुद्र का ही रास्ता चुना था. हमले में 164 लोग मारे गए थे, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए थे.
इन राज्यों के बंदरगाह हैं निशाने पर
एजेंसियों ने सरकार को सतर्क किया है कि गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों के छोटे-बड़े 180 बंदरगाह आतंकियों के निशाने पर हैं. यही नहीं, दहशतगर्दों ने 30 ऐसे द्वीपों की भी पहचान की है, जहां सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाई जा सकती है.

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों ने जो सूची तैयार की है उनमें गुजरात के 5 द्वीप, अंडमान निकोबार के 5 द्वीप, लक्षद्वीप के 5 छोटे द्वीप, पश्चिम बंगाल के 3 द्वीप, महाराष्ट्र का 1 द्वीप और तमिलनाडु का 1 द्वीप शामिल है.
जहाजों को पनाहगाह बनाने की है योजना
आतंकियों को लेकर जो इनपुट मिले हैं, उनमें भारतीय जहाजों का भी जिक्र है. आतंकी इनका इस्तेमाल पनाहगाह के रूप में कर सकते हैं. सीमा पार के लड़ाकों ने 10 ऐसे सुनसान द्वीपों की पहचान की है, जहां से वो आसानी से हिंदुस्तान विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं.