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CWG घोटाला: कलमाड़ी पर 4 फरवरी को होंगे आरोप तय

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के बर्खास्त अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी तथा अन्य लोगों के खिलाफ खेल परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार से राजकोष को 90 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने, धोखाधड़ी करने और साजिश रचने के लिए आरोप तय करने की तिथि चार फरवरी नियत की है.

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सुरेश कलमाड़ी
सुरेश कलमाड़ी

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के बर्खास्त अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी तथा अन्य लोगों के खिलाफ खेल परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार से राजकोष को 90 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने, धोखाधड़ी करने और साजिश रचने के लिए आरोप तय करने की तिथि चार फरवरी नियत की है.

सीबीआई की विशेष न्यायाधीश रविन्दर कौर ने आरोप तय करने की तारीख आगे बढ़ाते हुए कहा कि कोई भी आदेश देने से पहले उन्हें मामले के सभी दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए और समय चाहिए. विशेष न्यायाधीश ने इस अदालत का प्रभार दो जनवरी को संभाला. उनके पूर्ववर्ती न्यायाधीश ने आरोप तय करने का आदेश दिया था लेकिन उनका तबादला हो गया. सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप औपचारिक रूप से तय करने के लिए गुरुवार की तारीख नियत की गई थी.

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अदालत ने 21 दिसंबर 2012 को कलमाड़ी, आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट सहित नौ अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे. धोखाधड़ी और साजिश रचने के अलावा आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत जालसाजी तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत भी आरोप तय किए जाएंगे.

अदालत ने कहा कि सीबीआई ने वर्ष 2010 में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों के लिए ‘टाइमिंग, स्कोरिंग एवं रिजल्ट्स प्रणाली’ (टीएसआर) लगाने का ठेका बढ़ी हुई दरों में स्विस टाइमिंग ओमेगा कंपनी को दिया जिससे सरकार को 90 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. इस मामले में कलमाड़ी, भनोट के अलावा आयोजन समिति के पूर्व महानिदेशक वी के वर्मा, पूर्व महानिदेशक (खरीद) सुरजीत लाल, पूर्व संयुक्त महानिदेशक (खेल) ए एस वी प्रसाद और पूर्व कोषाध्यक्ष एम जयचंद्रन आरोपी हैं. यह सभी लोग फिलहाल किसी भी खेल निकाय से नहीं जुड़े हैं.

अदालत ने कहा था कि आयोजन समिति के छह पूर्व अधिकारी लोक सेवक थे और उनके खिलाफ आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप बनते हैं. इस मामले में फरीदाबाद स्थित कंपनी ‘जेम इंटरनेशनल’ के पी डी आर्या एवं ए के मदान तथा हैदराबाद की कंपनी एकेआर कंस्ट्रक्शन्स के ए के रेड्डी भी आरोपी हैं. आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश देने के साथ साथ अदालत ने यह भी कहा कि सम्मन भेजे जाने के बावजूद आरोपी स्विस टाइमिंग ओमेगा का कोई प्रतिनिधि अदालत में पेश नहीं हुआ और उसके खिलाफ सुनवाई अलग से होगी. आरोप है कि स्विस टाइमिंग ओमेगा को बढ़ी हुई दर में ठेका मिला था.

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