राजद सुप्रीमों और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने देश में महंगाई के लिए केंद्र की कांग्रेस सरकार और प्रदेश सरकारों को जिम्मेदार ठहराते इस पर रोक नहीं लगाए जाने को देश की जनता के प्रति अपराध की संज्ञा दी.
पटना स्थित राजद के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को अपना नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए लालू ने देश में महंगाई के लिए केंद्र की कांग्रेस सरकार और प्रदेश सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए इसपर रोक नहीं लगाए जाने को देश की जनता के प्रति अपराध की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है और यह रुकने का नाम नहीं ले रहा. चीनी की कीमत 50 रुपये प्रतिकिलो हो गयी है. दाल, चावल, गेंहू, आटा, कारखाना में बनी वस्तुओं, दूध की भी किल्लत की बात सामने आ रही है.
लालू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में महंगाई और कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए मंत्रिमंडल की उपसमिति का गठन किया है पर अबतक कालाबाजारी और जमाखोरी करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने मोदी पर कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों को प्रश्रय एवं संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा इससे महंगाई पर लगाम नहीं लग सकती.
नीतीश के उस ब्यान जिसमें उन्होंने लालू द्वारा महंगाई को लेकर केंद्र से अपना समर्थन वापस लेने की मांग की थी, राजद सुप्रीमो ने जानना चाहा कि जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अगर नीतीश कार्रवाई करेंगे तो क्या प्रदेश सत्ता में शामिल भाजपा उनसे समर्थन वापस ले लेगी. राजद सुप्रीमो ने अपनी पार्टी के कुछ नारों को दोहराते हुए कहा 'कमरतोड़ महंगाई है जब से कांग्रेस आयी है, रोको महंगाई बांधो दाम नहीं तो होगा चक्का जाम, जो सरकार महंगाई न रोके वह सरकार निकम्मी है, जो सरकार निकम्मी है वह सरकार बदलनी है.'{mospagebreak}
देश में महंगाई के लिए कृषि मंत्री शरद पवार को दोषी ठहराए जाने को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में लालू ने कहा कि अकेले पवार इसके लिए दोषी नहीं हैं, केंद्र सरकार में शामिल सभी नेता और बिहार की नीतीश सरकार सहित अन्य प्रदेशों की सभी सरकारें इसके लिए दोषी हैं. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि महंगाई के विरोध में उनकी पार्टी ने आगामी 28 जनवरी को बिहार बंद और चक्का जाम की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि रेल सेवा को बंद से अलग रखा गया है.
लालू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अगर उस दिन टकराव की नीति अपनायी तो प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसका खमियाजा भुगतना पडेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि जब जब राजद का कार्यक्रम होता है स्थानीय प्रशासन उसमें विध्न डालने का प्रयास करता है और उनके बैनर पोस्टर और होर्डिंग को हटाया जाता है. राजद सुप्रीमो ने 28 जनवरी के अपनी पार्टी के बिहार बंद को लोक नायक जयप्रकाश नारायण के समय कांग्रेस सरकार के खिलाफ किए गए आंदोलन से भी बडा आंदोलन होने का दावा करते हुए कहा कि उसके बाद भी उनका यह आंदोलन जारी रहेगा.
उन्होंने बताया कि इसके बाद भी उनकी पार्टी द्वारा कई चरणों में आंदोलन चलाए जाएंगे और उसमें जेल भरो आंदोलन भी होगा तथा आवश्यक्ता पड़ने पर देश व्यापी आंदोलन चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए वह अन्य दलों के नेताओं के संपर्क में हैं. लालू प्रसाद ने महंगाई के खिलाफ अपने इस आंदोलन को युद्ध की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका यह आंदोलन उस समय तक जारी रहेगा जबतक आवश्यक वस्तुओं के दाम घटकर छह महीने पूर्व के दाम पर नहीं आ जाते.
{mospagebreak}लालू ने नीतीश सरकार पर गरीबों की दुर्दशा करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि बिहार में भूख से 500 लोगों की मौत हो चुकी है और प्रदेश की कथित निकम्मी नीतीश सरकार द्वारा कंबल का वितरण और अलाव का प्रबंध नहीं किए जाने से लोग ठंड से मर रहे हैं. गांवों से बिजली नदारद है और न तो कहीं चीनी मिल खुली तथा न ही एक पैसे का निवेश हुआ है.
उन्होंने कहा कि सिंचाई का साधन नहीं है गांव गांव में शराब की दुकान खोल दी गयी जनवितरण प्रणाली चौपट है नरेगा में भ्रष्टाचार व्याप्त है तथा गरीब लोगों को काम नहीं मिल रहा है. लालू ने कहा कि राज्य के बेरोजगारी का यह हाल है कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक भी विग्यापन नहीं निकाला गया और वे इसकी तलाश में अन्य प्रदेशों में मारे मारे फिर रहे हैं पर नीतीश सरकार अखबारों के माध्यम से अपना झूठा प्रचार कराने में जुटी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अफसरशाही बढ़ी है प्रशासनिक तंत्र में हर स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है प्रदेश सरकार ने गिने चुने अधिकारियों को महत्वपूर्ण पद दिए हैं और ईमानदार अफसरों को तरजीह नहीं देकर नीतीश सरकार ने बाहर से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों को बुलाया है जो स्थानीय लोगों की बात नहीं सुनते. राजद सुप्रीमो ने प्रदेश सरकार पर प्राथमिक शिक्षा को खत्म करने तथा उच्च शिक्षा को और भी बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में नीतीश शासन के दौरान एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं खुला.
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय से इंटरमीडियट की शिक्षा समाप्त कर दी है और विद्यालयों में भी इसका बेहतर प्रबंध नहीं किया है, जिससे मेधावी छात्र राज्य से पलायन को विवश हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कथित निकम्मेपन के कारण नव-नालंदा महाविहार संस्थान का डीम्ड यूनिवर्सिटी का स्टेसस छीना रहा है. लालू ने नीतीश सरकार के लिए अपनी पार्टी के एक नारे 'देखो यह सुशासन का खेल खा गया राशन पी गया तेल' को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है लोगों को कहीं से आशा की किरण दिखायी नहीं दे रही इसलिए उनकी पार्टी नीतीश के हाथों में सत्ता देकर लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकती. उन्होंने लोगों से नीतीश सरकार से निजात पाने के लिए प्रदेश की जनता और समाज के सभी वर्ग के लोगों को उनकी पार्टी के बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की.