कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 50 लाख के करीब पहुंचने वाली है. वहीं, भारत में कोरोना मरीजों का आंकड़ा एक लाख के पार है. देश में इस खतरनाक वायरस से निपटने के लिए कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन जारी है, लेकिन कोरोना के खिलाफ जारी जंग अभी लंबी चलने वाली है.
कोरोना को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों ने गाइडलाइंस तय की हैं. इसमें सोशल डिस्टेंसिंग पर सरकारों का सबसे ज्यादा जोर है. घरेलू-विदेशी उड़ानों पर पाबंदी जारी है. सिनेमा घर भी लॉकडाउन 4.0 में खुलने वाले नहीं हैं. हालांकि सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को खोलने को लेकर कई राज्यों ने हामी भर दी है.
वहीं, कोरोना को लेकर इंडिया टुडे के 'न्यूज ट्रैक' प्रोग्राम में Jonathan Kay, editor (Quillette) ने कई अहम पहलुओं पर अपनी राय रखी. क्या कोरोना एक इवेंट या एक व्यक्ति को सुपरस्प्रेडर में बदल सकता है? इस पर बातचीत करते हुए Jonathan Kay ने कहा कि वेडिंग, बर्थडे पार्टी जैसे क्लोज गैदरिंग इवेंट सुपरस्प्रेडर की तरह हैं क्योंकि इसमें टचिंग, किसिंग, हगिंग जैसी चीजें होना वाजिब है. ये ह्यूमन बिहेवियर का हिस्सा हैं. फिलहाल इससे बचने की जरूरत है.
: What turns an event or a person into a superspreader? Jonathan Kay () explains
Watch LIVE, with :
— IndiaToday (@IndiaToday)
आगे Jonathan Kay ने कहा कि फ्लाइट में यात्रा, थिएटर और वर्क प्लेस पर फेस टू फेस कॉन्टेक्ट नहीं होता है क्योंकि हम किसी के सामने नहीं बैठते हैं. यहां समानांतर ढंग से बैठने की व्यवस्था होती है. इसके अलावा कुछ स्पोर्ट्स एक्टिविटी भी ऐसी हैं, जिसमें फेस टू फेस कॉन्टेक्ट नहीं होता है. इस लिहाज से कोरोना यहां सुपर सुपरस्प्रेडर नहीं हो सकता है. हालांकि ऐहतियात बहुत जरूरी है और हमें सोशल डिस्टेंसिंग का दायरा बनाए रखना है.
बता दें कि लॉकडाउन 4.0 को लेकर जारी गाइडलाइन में घरेलू-विदेशी उड़ानों को इजाजत नहीं दी गई है. हॉटस्पॉट एरिया में सख्ती जारी रहेगी. मेट्रो-सिनेमा हाल पर पाबंदी रहेगी. इसके अलावा स्कूल-कॉलेज बंद भी बंद रहेंगे. सभी तरह के पूजा स्थल बंद रहेंगे और ईद भी इस बार लॉकडाउन में ही मनाई जाएगी. वहीं, शादी समारोह में 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोग शामिल हो सकते हैं.