scorecardresearch
 

बीफ पर बयान: मोदी के इस मुस्लिम मंत्री की हो रही है चौतरफा निंदा

'आजतक' के प्रोग्राम 'मंथन' में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बीफ संबंधी बयान की निंदा हो रही है. जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि नकवी का यह बयान राष्ट्र के खिलाफ है. इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस नेता शांताराम नाइक ने कहा कि बीजेपी के सभी संगठन चाहते हैं कि भारत के अल्पसंख्यक पाकिस्तान चले जाएं. यह उनकी नीति रही है.

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (फाइल फोटो) केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (फाइल फोटो)

'आजतक' के प्रोग्राम 'मंथन' में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बीफ संबंधी बयान की निंदा हो रही है. जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि नकवी का यह बयान राष्ट्र के खिलाफ है. इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस नेता शांताराम नाइक ने कहा कि बीजेपी के सभी संगठन चाहते हैं कि भारत के अल्पसंख्यक पाकिस्तान चले जाएं. यह उनकी नीति रही है.

एजीपी नेता दुर्गा दास बोडो ने नकवी पर निशाना साधते हुए कहा, 'भारत धर्मनिरपेक्ष देश है . इस तरह की बात कहना उचित नहीं है.' फिल्मकार मुकेश भट्ट ने कहा, 'आप ऐसा कैसे सोच सकते हैं. यह किसी मंत्री द्वारा दिया गया सबसे मूखर्ता वाला बयान होगा.'

अभिनेता रजा मुराद ने कहा, 'हमें बार-बार यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि हम इस देश के प्रति वफादार हैं. हमें इस देश में रहने के लिए किसी की दया या सहानुभूति या प्रमाणपत्र नहीं चाहिए.'

वित्त मंत्री अरण जेटली ने भी नकवी के बयान से इत्तेफाक नहीं जताते हुए कहा था कि लोगों को अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने कहा था, 'स्वाभाविक है कि लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. प्रधानमंत्री ने भी बार-बार यह बात कही है.'

बताते चलें कि नकवी ने आजतक के मंथन प्रोग्राम में इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के बीफ पर बैन संबंधी सवाल के जवाब में कहा था, 'यदि कुछ लोग गौमांस खाने के लिए मरे जा रहे हैं, तो यहां उन्हें यह नहीं मिलेगा. वे पाकिस्तान या किसी अरब देश में या दुनिया के अन्य किसी भी हिस्से में जहां यह मिलता हो, वहां जाकर गौमांस खा सकते हैं.'

'बहुसंख्यक समुदाय की आस्था को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए'
गोमांस खाने के इच्छुक लोगों को पाकिस्तान जाने की सलाह देने के एक दिन बाद नकवी ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा कि खाने की पसंद को लेकर करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस नहीं पहुंचाना चाहिए. इसमें विवाद का कोई मुद्दा नहीं है. यदि एक व्यक्ति गायों के बारे में बात करता है, तो करोड़ों लोग इसका सम्मान करते हैं. वे इसकी पूजा करते हैं. इसे गोमाता बुलाते हैं.

उन्होंने कहा, 'मैं मुसलमान हूं. यदि मेरे क्षेत्र में कोई कहता है कि वह सूअर का मांस बेचेगा, तो मैं कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन वहां के सभी मुसलमान उसे बाहर फेंक देंगे. इस्लाम में सुअर का मांस प्रतिबंधित है. इसलिए उसे बेचा या देखा भी नहीं जाना चाहिए. इतने बड़े समुदाय की भावना गायों से जुड़ी हुई हैं. वे इसकी पूजा करते हैं. आप उसे उनके सामने काटने और इसे कानूनी रूप देने की आशा कैसे कर सकते हैं.

इनपुट- भाषा

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें