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देहरादून सैन्य अकादमी पर हमले का षडयंत्र, 4 बरी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी पर 2005 में हमला करने की साजिश रचने के आरोप से चार अभियुक्तों को बरी कर दिया है, हालांकि अदालत ने लश्कर ए तैयबा के दो आतंकवादियों को विस्फोटक रखने का दोषी करार दिया है.

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी पर 2005 में हमला करने की साजिश रचने के आरोप से चार अभियुक्तों को बरी कर दिया है, हालांकि अदालत ने लश्कर ए तैयबा के दो आतंकवादियों को विस्फोटक रखने का दोषी करार दिया है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने हारून रशीद, मोहम्मद इफ्तिखार, मसूद अहमद, मौलाना दिलावर खान को भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत आरोपों से बरी कर दिया. अदालत ने हालांकि, हमीद हुसैन और मोहम्मद शरीक को इस मामले में दोषी करार दिया था. राजधानी में साढ़े दस किलो आरडीएक्स के साथ पांच मार्च 2005 को इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था.

अभियोजन पक्ष के अनुसार हारून, इफ्तिखार, मसूद और दिलावर ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी पर हमला करने की योजना बनायी थी. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा हमीद और शरीक को गिरफ्तार किये जाने के बाद उनकी इस साजिश का पता चला. दोनों की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में पुलिस के साथ एक मुठभेड़ हुई थी.

इसमें दो पाकिस्तानी नागरिक अपने भारतीय सहयोगी के साथ मारे गए थे. पुलिस ने चार अन्य को वर्ष 2005 में ही मार्च और मई में गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उनके पास से कथित रूप से देहरादून का नक्शा और एक पुस्तक बरामद की थी. इस पुस्तक में भारतीय सैन्य अकादमी के बारे में विस्तृत जानकारी थी. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अकादमी में फिदायीन हमला करने की योजना बनायी थी. अदालत दोनों दोषियों के खिलाफ इस महीने की 12 तारीख को सजा सुनाएगी.

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