कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक के बाद एक 3 ट्वीट करके गांधी-नेहरू परिवार के त्याग और सेवा भावना की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने सत्ता के मोह से दूर, सदा सेवाभाव से कांग्रेस को एक सूत्र में बांधे रखा है. 2004 में सोनिया गांधी ने सत्ता की बजाय पार्टी की सेवा चुनी. 2019 में राहुल गांधी ने भी दृढ़ विश्वास की हिम्मत दिखाई और कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया.

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सुरजेवाला ने अपने अगले ट्वीट में कहा कि हम प्रियंका गांधी की एक वर्ष पुरानी टिप्पणी (1 जुलाई, 2019) में अचानक उपजी प्रायोजित मीडिया की रूचि (सत्तारूढ़ बीजेपी के इशारे पर) के खेल को समझते हैं. आज समय मोदी-शाह द्वारा भारतीय लोकतंत्र पर किए बर्बरतापूर्ण हमले का सामना करने और निडरता से इससे लोहा लेने का है.
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हम श्रीमती प्रियंका गांधी की एक वर्ष पुरानी टिप्पणी (1 जुलाई, 2019) में अचानक उपजी प्रायोजित मीडिया की रूची (सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर) के खेल को समझते हैं।
आज समय है मोदी-शाह द्वारा भारतीय लोकतंत्र पर किए बर्बरतापूर्ण हमले का सामना करने और निडरता से इससे लोहा लेने का है।
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) August 19, 2020
उन्होंने अपने तीसरे ट्वीट में कहा कि लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के अनथक संघर्ष और संकल्प के गवाह हैं, जिससे उन्होंने इस लड़ाई का नेतृत्व किया है. न विपरीत स्थिति की परवाह की और न ही मोदी सरकार के विभत्स हमलों की. यही वह निडरता और अदम्य साहस है जिसकी कांग्रेस को ही नहीं बल्कि देश को सबसे ज्यादा जरूरत है.
क्या कहा था प्रियंका गांधी ने
इससे पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक साक्षात्कार में कहा था कि वह निकट भविष्य में पार्टी की बागडोर नहीं संभालने जा रही हैं और राहुल गांधी ही उनके नेता हैं.
प्रियंका गांधी वाड्रा से पूछा गया था कि क्या वह पार्टी का नेतृत्व करेंगी. इस पर उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने पर फोकस करेंगी.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई गैर गांधी परिवार का कांग्रेस अध्यक्ष बनता है तो उन्हें उसके साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. उनका परिवार राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के फैसले और गांधी परिवार के अलावा किसी को अध्यक्ष बनाए जाने की सलाह का सम्मान करता है.
हालांकि यह बातचीत लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का बाद की गई थी.