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GDP पर प्रियंका गांधी का तंज- मोदी सरकार के सभी वादे झूठे

प्रियंका गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि आज GDP ग्रोथ 4.5 प्रतिशत है, जिससे साबित होता है कि इस सरकार के सारे वादे झूठे हैं.

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (फोटो-पीटीआई)
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (फोटो-पीटीआई)

  • आर्थिक विकास पर प्रियंका का वार
  • झूठे हैं सरकार के वादे-प्रियंका
  • कैसे बनेगी 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था

देश के ताजा आर्थिक विकास के आंकड़ों पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है. प्रियंका गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि आज GDP ग्रोथ 4.5% है, जिससे साबित होता है कि सारे वादे झूठे हैं. प्रियंका गांधी ने कहा कि 2 करोड़ रोजगार हर साल, फसल का दोगुना दाम, अच्छे दिन आएंगे और अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन होगी. क्या किसी वादे पर हिसाब मिलेगा.

प्रियंका का वार

जीडीपी ग्रोथ के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. देश की जीडीपी सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही  में घटकर 4.5 फीसदी हो गई है. यह लगातार पांचवीं तिमाही में गिरावट है और 6 सालों में सबसे कम जीडीपी वृद्धि दर है. प्रियंका गांधी ने कहा है कि तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है.

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'साहेब कहते हैं, सब चंगा सी'

ताजा आर्थिक आंकड़ों को लेकर लेकर कांग्रेस नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि देश की इकोनॉमी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है, सब कुछ गलत है. सुरजेवाला ने ट्वीट किया, "सरकार की आर्थिक नीतियों के दिवालियेपन ने देश की अर्थव्यवस्था का बंटा धार कर दिया है. जब BJP सरकार अपनी विभाजनकारी नीतियों को छोड़ देश की अर्थव्यवस्था पर सार्थक ध्यान नहीं देगी, तब तक सुधार नहीं आएगा.

अगले ट्वीट में उन्होंने कहा, "मोदी जी की दूसरी पारी के अब छह महीने पूरे, इस दौरान केवल मीडिया प्रबंधन पर ही सारा जोर रहा, परिणाम सबके सामने है. देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई. आर्थिक मंदी और तालाबंदी ने बेहाल कर दिया है. रोजगार-व्यापार चौपट है. न निर्माण और न निर्यात. साहेब कहते हैं, सब चंगा सी ?"

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