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राहुल का दावा, राफेल पर इन सवालों का जवाब नहीं दे रही मोदी सरकार

राहुल गांधी ने तीसरा सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार को लगता है कि पड़ोसी मुल्क खतरनाक है और वह सस्ते में एयरक्राफ्ट खरीद रही है तो  36 ही क्यों खरीदा, 126 खरीद लेती. सरकार ने इसका भी जवाब नहीं दिया.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

राफेल डील पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर लोकसभा में जोरदार हमला किया. राहुल गांधी ने कहा कि इस डील से जुड़े कई सवालों का जवाब मोदी सरकार नहीं दे रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका आरोप रक्षा मंत्री या मनोहर पर्रिकर पर नहीं है, बल्कि करप्शन का सीधा आरोप पीएम नरेंद्र मोदी पर है. राहुल गांधी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी राफेल स्कैम में सीधे तौर पर शामिल हैं.  राहुल गांधी ने सवाल गिनाते हुए कहा कि उनका सवाल है कि अनिल अंबानी को इस डील में कौन लाया? राहुल ने कहा कि अनिल अंबानी पर फैसला किसने किया? ये जवाब देश को चाहिए. राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री को कहा कि उन्होंने संसद में दो घंटे से ज्यादा देर तक बोला लेकिन ये नहीं बताया कि राफेल का ठेका HAL से छीनकर अनिल अंबानी को किसने दिया?

राहुल गांधी ने एक और सवाल उठाते हुए कहा कि यूपीए के समय हुए समझौते के दौरान राफेल का दाम 560 करोड़ था, लेकिन एनडीए के दौरान हुई डील में इसकी कीमतें बढ़ गई, लेकिन कीमतें क्यों बढ़ी इसका जवाब भी सरकार ने नहीं दिया. जबकि दस्तावेजों के मुताबिक राफेल की विशेषताओं में कोई बदलाव नहीं थे.

राहुल ने तीसरा सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार को लगता है कि पड़ोसी मुल्क खतरनाक है और वह सस्ते में एयरक्राफ्ट खरीद रही है तो  36 ही क्यों खरीदा, 126 खरीद लेती. सरकार ने इसका भी जवाब नहीं दिया. राहुल गांधी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने ये स्वीकार किया है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने इमरजेंसी में 126 राफेल खरीदने की पुरानी डील को बदला. राहुल ने कहा कि जब पीएम ने ये बाईपास सर्जरी की तो क्या रक्षा मंत्रालय के टॉप अधिकारियों ने क्या इस पर आपत्ति जताई थी, क्या रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कुछ सलाह दी थी? राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें हां या न में रक्षा मंत्री से इसका जवाब चाहिए.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांदे ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अनिल अंबानी का नाम पीएम मोदी द्वारा सुझाया गया था. लेकिन मेरी सलाह है कि यदि इस दावे में कोई दम नहीं था तो पीएम को सफाई देनी चाहिए थी.

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