क्या एक सीक्रेट डायरी में छिपे राज अब कांग्रेस की नींद उड़ाने वाले हैं? अंग्रेजी चैनल टाइम्स नाउ के दावों पर यकीन करें तो कुछ ऐसा ही होने जा रहा है. चैनल ने एक ऐसी डायरी का खुलासा किया है जो कर्नाटक में कांग्रेस नेता गोविंद राज के घर से मिली थी. डायरी में कोडवर्ड्स में कुछ ऐसे नामों को पैसे देने के रिकॉर्ड हैं जो सियासी त्योरियां चढ़ाने के लिए काफी हैं.
टाइम्स नाउ की मानें तो डायरी में गोविंद राज के करीब 600 करोड़ रुपये के लेनदेन का लेखा-जोखा है. इस सिलसिले में उन लोगों के नाम, दफ्तर और कंपनियों का जिक्र है जिनसे गोविंद राज ने पैसे लिये. दूसरे कॉलम में ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं जिनको राज ने पैसे दिये. चैनल के मुताबिक इन नामों में 'AICC, AP, M VORA, SG OFFICE, RG OFFICE और DGS' शामिल हैं. डायरी में 'स्टील ब्रिज' नाम की एक एंट्री के तहत गोविंद राज ने 65 करोड़ रुपये मिलने की बात लिखी है. ऐसी ही एक और एंट्री में बेंगलुरु नगर निगम चुनाव में मीडिया को 7 करोड़ रुपये देने की बात आई है.
कैसे मिली डायरी?
इनकम टैक्स विभाग ने करीब साल भर पहले कर्नाटक के कई नेताओं के ठिकानों पर छापे मारे थे. विभाग के निशाने पर वो नेता थे जिनपर या तो टैक्स चोरी का शक था या फिर काला पैसा जमा करने का. इसी सिलसिले में गोविंद राज के घर तलाशी के दौरान ये डायरी बेडरूम से बरामद की गई. आयकर विभाग के दस्तावेजों में चश्मदीदों के हस्ताक्षर इस बात की तस्दीक करते हैं.
कौन हैं गोविंद राज?
गोविंद राज को कर्नाटक में कांग्रेस के सबसे रसूखदार नेताओं में माना जाता है. सिर्फ राज्य ही नहीं, केंद्र के भी कई पार्टी नेताओं के साथ उनकी जान-पहचान है. पार्टी के लिए फंड जुटाने में गोविंद राज को एक कारगर नेता के तौर पर देखा जाता है. राज विधानपरिषद् के सदस्य होने के साथ कर्नाटक ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. 11 फरवरी को इनकम टैक्स विभाग की पूछताछ के दौरान उन्होंने दावा किया था कि डायरी में उनकी हेंडराइटिंग नहीं है.
आरोपों पर सियासत
बीजेपी ने मामले की गहन जांच की मांग की है. लेकिन कांग्रेस ने इसे बीजेपी का प्रोपेगेंडा करार दिया है. पार्टी के मुताबिक बिरला और सहारा ग्रुप के ठिकानों पर छापे के दौरान जो डायरियां मिली थीं उनमें पीएम मोदी का नाम आया था और बीजेपी इस सच से ध्यान भटकाना चाहती है.