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राज्यसभा सांसदों की मांग: पहले बंगला दो, तभी खाली करेंगे कोठी

सरकार की ओर से राज्यसभा सांसदों को बंगला खाली करने का नोटिस थमाना, शीतकालीन सत्र के लिए गले की हड्डी साबित हो सकता है. सोमवार को राज्यसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही सपा ने पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को मिले नोटिस को मुद्दा बनाया. विरोध पहले नारेबाजी में बदला और फिर हंगामे ने सदन की कार्यवाही को बाधित कर दिया. मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की कोशिश शुरू कर दी है.

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राजीव शुक्ला
राजीव शुक्ला

सरकार की ओर से राज्यसभा सांसदों को थमाना, शीतकालीन सत्र के लिए गले की हड्डी साबित हो सकता है. सोमवार को राज्यसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही सपा ने पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को मिले नोटिस को मुद्दा बनाया. विरोध पहले नारेबाजी में बदला और फिर हंगामे ने सदन की कार्यवाही को बाधित कर दिया. मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की कोशिश शुरू कर दी है.

सपा के विरोध को देखते हुए जहां पहले राज्यसभा की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित किया, वहीं बाद में इसे एक बजे दिन तक के लिए स्थगित करना पड़ा. नीरज शेखर के मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने भी सरकार को घेरा. शुक्ला ने कहा कि उन्हें भी बंगला खाली करने का नोटिस मिला है, लेकिन जब तक नया बंगला अलॉट नहीं किया जाता पुराने को खाली करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है.

राजीव शुक्ला ने नीरज शेखर का पक्ष लेते हुए कहा कि वह काफी दिनों से उस बंगले में रह रहे हैं. राज्यसभा से सांसद भी हैं. ऐसे में बंगला खाली करने का नोटिस समझ से परे है. अगर सरकार चाहती है कि बंगला खाली किया जाए तो पहले नया बंगला अलॉट किया जाना चाहिए.

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