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नरेंद्र मोदी का 'मुस्लिम जोड़ो प्लान' पर विपक्ष बोला, 'वोट के लिए कुछ भी करेगा'

अगर बीजेपी को केंद्र में सत्ता पाना है तो उसे अल्पसंख्यक वोटरों खासकर मुसलमानों का समर्थन हासिल करना होगा. यही है गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रणनीति. मोदी की इस रणनीति के दम पर बीजेपी तो 272 सीट जीतने का दावा कर रही है. पर विपक्ष ने इसे ढोंग करार दिया है.

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नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी

अगर बीजेपी को केंद्र में सत्ता पाना है तो उसे अल्पसंख्यक वोटरों खासकर मुसलमानों का समर्थन हासिल करना होगा. यही है गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रणनीति. नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के मुस्लिम बीजेपी के साथ जुड़ सकते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया था कि गुजरात के विधानसभा चुनावों में 25 फीसदी मुस्लिमों ने उन्हें वोट किया था.

मोदी की इस रणनीति के दम पर बीजेपी तो 272 सीट जीतने का दावा कर रही है. पर विपक्ष ने इसे ढोंग करार दिया है. कांग्रेस से लेकर जेडीयू तक, आरजेडी से लेकर एलजेपी तक, सभी पार्टियां मोदी और बीजेपी पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगा रही है.

वोट के लिए कुछ भी करेगा...
जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने तो मोदी के इस प्लान को एक फिल्मी नाम दे डाला. उन्होंने कहा, 'जैसे एक फिल्म आई थी...'लव के लिए कुछ भी करेगा'. ऐसे ही मोदी भी वोट के लिए कुछ भी करेगा.'

मोदी को मिले कड़ी सजा...
अगला हमला बोला एलजेपी सुप्रीमो रामविलास पासवान ने. उन्होंने कहा, '2002 दंगों के लिए माफी तो दूर की बात, बल्कि मोदी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. मोदी राष्ट्रीय राजनीति में नए आए हैं. उन्हें हीरो बनने दीजिए. जल्द ही उन्हें हकीकत मालूम हो जाएगी.'

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मोदी को माफ किया तो खुदा माफ नहीं करेगा
बात मुस्लिम वोटरों को लुभाने की थी आरजेडी कैसे पीछे रहती. पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने संसद परिसर में रिपोर्टरों से कहा, 'मोदी को उनके गुनाहों के लिए कभी माफ नहीं किया जा सकता. जो उन्हें माफी देगा उसे खुदा माफ नहीं करेगा. मोदी वोट के लिए लाड़ टपका रहे हैं. वो समझ रहे हैं कि लोगों को बेवकूफ बनाकर वोट हड़प लेंगे, पर ऐसा नहीं होगा.'

दंगों के लिए माफी नहीं मांगी तो वोट कैसे मांग रहे हैं?
अब बारी आई कांग्रेस की. मोदी की रणनीति पर चुटकी लेते हुए जगदंबिका पाल ने कहा, 'मोदी को समझ आ गया है कि सेकुलर छवि के बिना उन्हें देश नहीं स्वीकार करेगा. इसलिए वे इस तरह की बातें कर रहे हैं. लेकिन जो मोदी टोपी नहीं पहन सकता. जो दंगों के लिए माफी नहीं मांग सकता वो वोट कैसे मांग रहा है.'

सिर्फ वादे करते हैं पर होता कुछ भी नहीं
मोदी के इस मुस्लिम राग पर केंद्र सरकार ने भी सियासी वार किया. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान ने कहा कि मोदी सिर्फ वादे करते हैं पर करते कुछ भी नहीं. अगर वे मुसलमानों के लिए इतने चिंतित हैं तो वे केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना को क्यों नहीं लागू कर रहे हैं. इससे पसमंदा मुसलमानों को ही फायदा होगा.'

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गौरतलब है कि मोदी जिन पिछड़े वोटरों की बात कर रहे हैं उनकी आबादी बिहार और उत्तर प्रदेश में ज्यादा है. यानी बीजेपी की नजर कुल 120 सीटों पर है. जहां पर पार्टी के लिए अल्पसंख्यकों का वोट अहम हो जाता है.

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