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केंद्र सरकार की सफाई, मध्य प्रदेश और राजस्थान में पर्याप्त यूरिया मौजूद

आपको बता दें कि यूरिया की कमी को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आवाज उठा चुके हैं. कमलनाथ ने केंद्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा और रेल मंत्री पियूष गोयल से संपर्क कर यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात की थी.

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सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो: Reuters) सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो: Reuters)

मध्य प्रदेश और राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद यूरिया की कमी की खबरों के बीच कई में प्रदर्शन का दौर जारी है. इस बीच केंद्र सरकार ने इस बाबत सफाई दी है कि दोनों ही राज्यों में यथानुपात आवश्यकता के अनुसार यूरिया की सप्लाई की गई है और इन राज्यों यूरिया के पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. दरअसल यूरिया की कमी की खबरों को लेकर इस तरह की खबरें आ रही थी कि सरकार बदलने के बाद केंद्र ने जान बूझकर यूरिया की सप्लाई रोक दी.

केंद्र सरकार ने अपनी सफाई में मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान को लेकर उर्वरक विभाग ने मासिक सप्लाई और स्टॉक की राज्यवार जानकारी दी है. आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार ने 2018-19 की रबी की फसलों के लिए यूरिया की आपूर्ति को लेकर सक्रिय कदम उठाए हैं और राज्यों के स्तर पर पर्याप्त भंडार मौजूद हैं. उर्वरक विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में दिसंबर के महीने में 33.07 लाख मीट्रिक टन का आवश्यकता था, और इसके विपरीत 36.30 लाख मीट्रिक टन सप्लाई का प्लान है.  

उर्वरक विभाग के मुताबिक देश में 23 दिसंबर तक यूरिया की यथानुपात आवश्यकता 24.53 लाख मीट्रिक टन थी, जिसके एवज में 28.62 लाख मीट्रिक टन सप्लाई की गई और 20.94 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हो चुकी है. विभाग के मुताबिक विभिन्न संयंत्रों और पोर्ट से प्रतिदिन औसतन 1 लाख मीट्रिक टन यूरिया विभिन्न राज्यों के आवंटन के अनुसार सप्लाई की जा रही है.

विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश की दिसंबर माह की आवश्यकता 3.50 लाख मीट्रिक टन थी, जिसके विपरीत उर्वरक विभाग का 3.70 लाख मीट्रिक टन सप्लाई का प्लान है. 23 दिसंबर तक राज्य में 2.38 लाख मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई की गई है. वहीं 1.85 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हुई है, लिहाजा प्रदेश के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.  

इसी तरह राजस्थान में दिसंबर के लिए 2.70 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता थी, जिसके विपरीत 2.89 लाख मीट्रिक टन का सप्लाई प्लान है. राज्य में 23 दिसंबर तक 2.57 लाख मीट्रिक टन की सप्लाई की गई है. जबकि 2.31 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हुई है.

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