जवाहरलाल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर निवेदिता मेनन एक बार फिर विवादों में हैं. राजस्थान की राजस्थान की जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने उनके खिलाफ देशविरोधी टिप्पणी के आरोप में केस दर्ज करवाया है.
मेनन ने शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग के सेमिनार में शिरकत की थी. आरोप है कि सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने देश, सेना और राष्ट्रीय प्रतीकों के खिलाफ बयान दिया. इसके विरोध में एबीवीपी ने शुक्रवार को यूनिवर्सिटी बंद करवाई. जयनारायण यूनिवर्सिटी के उप-कुलपति आरपी सिंह ने जोधपुर के रतनहाड़ा थाने में मेनन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच के लिए एक टीम बनाई गई है. मेनन के अलावा सेमिनार के आयोजन सचिव राज श्री राणावत के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है.
सेमिनार में मौजूद लोगों के मुताबिक मेनन ने अपना परिचय 'देशविरोधी' के तौर पर दिया और अपने भाषण के दौरान देश का नक्शा उल्टा लटका दिया. प्रोफेसर मेनन का कहना था कि उनके विभाग में भी भारत का नक्शा इसी तरह लटका हुआ है. उन्होंने श्रोताओं से पूछा कि इस नक्शे में भारत माता कहां नजर आती है.
आरोप है कि मेनन ने सेना पर भी विवादित टिप्पणी की. उनका कहना था कि जवान सेना में सिर्फ रोजी-रोटी कमाने के लिए जाते हैं. जब श्रोताओं ने विरोध किया तो सेमिनार में टी ब्रेक घोषित करना पड़ा.
आरोपों से इनकार
हालांकि प्रोफेसर मेनन ने आरोपों से इनकार किया है. मेनन की मानें तो उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया है. इस बीच, एबीवीपी ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है. पुलिस को अब तक उनके भाषण की सीडी नहीं मिली है. जेएनयू में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की प्रोफेसर निवेदिता पहले भी कश्मीर को लेकर अपने बयानों के चलते विवादों में रह चुकी हैं.