दरअसल राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कहा था विरोध प्रदर्शन और लोगों की आवाज को दबाना देश की आत्मा का अपमान है. इस पर तंज कसते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत के आत्मा की चिंता कर रहे हैं, जरा बताएं सियोल कैसा है?
राहुल गांधी इन दिनों देश से बाहर हैं. हाल ही में उन्होंने रिपब्लिक ऑफ कोरिया के प्रधानमंत्री ली नुक युन से मुलाकात की थी. यह मुलाकात सियोल में हुई. मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट किया था कि कोरिया के पीएम के साथ अर्थव्यवस्था और राजनीति को लेकर चर्चा हुई.
Worried about India’s Soul?
Btw, How’s Seoul? https://t.co/n7vKBMmBxJ
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 19, 2019
विदेश यात्रा पर हैं राहुल गांधी
ऐसे वक्त में जब नागरिकता कानून को लेकर पुरे देश में विपक्ष सड़कों पर उतरा है, कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी का देश से बाहर होना उनके ही सहयोगियों को खटक रहा है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर हाल ही में अपरोक्ष रूप से तंज कसा था कि देश को बीजेपी के विकल्प की जरूरत है जो देश में टिक सके. दरअसल उन्होंने राहुल गांधी का परोक्ष उल्लेख करते हुए कहा था कि लोगों को ऐसे बदलाव के लिए विकल्प की जरूरत है और ऐसे विकल्प को देश में टिकना होगा.
राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर हर बार विपक्षी पार्टियां सवाल खड़े करती हैं. शिवराज सिंह की टिप्पणी भी इसी से जोड़कर देखी जा रही है.
क्या कहा था राहुल ने?
गौरतलब है कि बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि इस सरकार के पास कॉलेज, टेलिफोन और इंटरनेट बंद करने का हक नहीं है. मेट्रो स्टेशनों पर ट्रेनों को रोका जा रहा है. देश की आवाज दबाने के लिए धारा 144 लगाई जा रही है. शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोका जा रहा है. ऐसा करना भारत की आत्मा का अपमान करना है.
क्या है मामला?
बता दें इतिहासकार और लेखक रामचंद्र गुहा को बेंगलुरु में हिरासत में ले लिया गया है. वह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. उनके अलावा कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया है . पूरे बेंगलुरु में धारा 144 लागू कर दिया गया है. राहुल गांधी की टिप्पणी कुछ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर ही आई है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकियों पर हमला किया, साथ में ही मीडिया की कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. इसी बीच भीड़ की हिंसा को दबाने के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है.
वहीं कर्नाटक के मंगलोर में नागरिकता कानून के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद हुई पुलिस फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है. मंगलोर के पुलिस कमिश्नर ने 2 मौतों की पुष्टि की है. देश में विरोध प्रदर्शनों में हो रही हिंसा को रोकना राज्यों के लिए चुनौती बनी हुई है.