कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को क्या नई जिम्मेदारी मिलने वाली है? ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी के टिकट से राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद से यह चर्चा तेज हो गई है. मंगलवार को मोदी सरकार के संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की थी.
इस दौरान प्रहलाद सिंह पटेल ने इसको लेकर इशारा किया, जिसके बाद से ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर लगाई जा रही इन अटकलों को और बल मिला है. केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ट्वीट किया, 'आज ज्योतिरादित्य सिंधिया को पुन: पुरानी ऊर्जा में देखकर मन प्रसन्न हो गया. मैं स्वास्थ्य लाभ के बाद लौटे उनकी और राजमाता साव की कुशलक्षेम जानने उनसे मिला था. वे शीघ्र ही नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे. यही ईश्वर से प्रार्थना है.'
आज मा जी को पुन: पुरानी ऊर्जा मे देखकर मन प्रसन्न हो गया।मै स्वास्थ्य लाभ के बाद लौटे उनकी एवं राजमाता साव की कुशलक्षेम जानने उनसे मिला था,वे शीघ्र ही नई ज़िम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे यही ईश्वर से प्रार्थना है
— Prahlad Singh Patel (@prahladspatel)
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की तस्वीरों को भी ट्विटर पर साझा किया है. अब सवाल यह है कि आखिर ज्योतिरादित्य सिंधिया को कौन सी जिम्मेदारी मिलने जा रही है? अगर प्रहलाद सिंह पटेल के इशारे पर गौर किया जाए, तो उन्होंने सिर्फ नई जिम्मेदारी के निर्वहन करने की चर्चा की है और साफ-साफ नहीं कहा कि आखिर कौन सी नई जिम्मेदारी.
वहीं, इसको लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मोदी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है. सिंधिया को पार्टी संगठन में कोई बड़ा पद दिए जाने की संभावना बेहद कम है. इसकी वजह यह है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में अभी नए-नए हैं और उनको पार्टी संगठन के कामकाज का अनुभव नहीं हैं.
इन सबको को देखते यह कहा जा सकता है कि मोदी कैबिनेट में जगह देकर ज्योतिरादित्य सिंधिया को नई जिम्मेदारी दी जा सकती है. केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से यह मुलाकात उस समय की है, जब वो कोरोना वायरस से ठीक होकर घर वापस लौटे हैं. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के टिकट से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल की.
आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हाल ही में कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हे थे. उनके साथ मध्य प्रदेश के कई विधायकों और मंत्रियों ने भी भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था, जिससे सूबे की कमलनाथ सरकार गिर गई थी. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बीजेपी ने मध्य प्रदेश में फिर से सरकार बनाई है. गुरुवार को मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का विस्तार भी होने जा रहा है. इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक नेताओं को शामिल किया जा सकता है.