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नेतन्याहू का एक दौरा और बन गई स्पाइक एंटी गाइडेड मिसाइल डील पर बिगड़ी हुई बात

येरूशलम पोस्ट में प्रकाशित खबर के अनुसार नेतन्याहू की भारत यात्रा से कुछ सप्ताह पहले यह सौदा रद्द कर दिया गया था. इस करार का नवीकरण एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है. अखबार ने नेतन्याहू के हवाले से कहा है कि भारत इजरायल से स्पाइक टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल खरीदेगा.

पीएम मोदी के साथ बेंजामिन नेतन्याहू पीएम मोदी के साथ बेंजामिन नेतन्याहू

भारत, इजरायल से स्पाइक टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल खरीदेगा. इजरायली मीडिया ने बुधवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हवाले से यह खबर दी है. भारत द्वारा 50 करोड़ डॉलर के इस रक्षा सौदे को रद्द कर दिये जाने के कुछ सप्ताह बाद यह बयान सामने आया है.

येरूशलम पोस्ट में प्रकाशित खबर के अनुसार नेतन्याहू की भारत यात्रा से कुछ सप्ताह पहले यह सौदा रद्द कर दिया गया था. इस करार का नवीकरण एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है. अखबार ने नेतन्याहू के हवाले से कहा है कि भारत इजरायल से स्पाइक टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल खरीदेगा.

नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक दिन बिताने के बाद यह बयान दिया है. भारत की छह दिन की यात्रा पर गए नेतन्याहू ने कहा कि करार के अंतिम ब्योरे और दायरे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है. एक अन्य इजरायली अखबार हारेट्ज ने लिखा है कि यह सौदा फिर मेज पर लौट आया है.

इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मीर बेन शब्बात के हवाले से अखबार ने लिखा है कि फिलहाल इस पर मौजूदा बातचीत सही दिशा में जा रही है और इसके अधिक ब्योरे का खुलासा बाद में किया जाएगा.

इससे पहले इस्राइल की हथियार कंपनी राफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम्स लि. ने इसी महीने इस बात की पुष्टि की थी कि भारत ने इस सौदे को रद्द कर दिया है और उसने इस फैसले पर खेद जताया है.

वास्तविक प्रस्ताव के मुताबिक भारत, इजरायल से 50 करोड़ डॉलर (500 मिलियन अमेरिकी डॉलर) के इस सौदे में सेना के लिए एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल खरीदने वाला है. भारत का रक्षा मंत्रालय विभिन्न तरीके के हथियारों और अन्य प्लेटफॉर्म के लिए अपने विदेशी रक्षा सहयोगियों के साथ ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी पर जोर दे रहा है. ताकि घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को प्रोत्साहित किया जा सके. भारत की यह पहल उसकी व्यापक नीतियों का हिस्सा है.

हालांकि नई दिल्ली स्थित आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव पर सहमति बनने में कई बाधाएं आ रही थीं. इजरायल मेक इन इंडिया के प्रावधानों के तहत टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर में अपना पूरा नियंत्रण चाहता था. इसके बाद ये समझौता पटरी से उतर गया और भारत ने इसे रद्द करने की घोषणा कर दी.

इस एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को बनाने वाली कंपनी राफेल ने हाल ही में हैदराबाद में अपना काम शुरू किया है. यही पर इस प्रोजेक्ट को अंजाम दिया जाएगा.

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