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आजम खान संसद के बाहर महिला पर करते ऐसी टिप्पणी, तो हो सकती थी ये सजा

अगर समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने सदन से बाहर किसी महिला के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की होती, तो उनको तीन साल तक की जेल हो सकती थी. साथ ही आजम खान पर जुर्माना लगाया जा सकता था. पढ़िए पूरा कानून....

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां (फाइल फोटो) समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां (फाइल फोटो)

लोकसभा में पीठासीन महिला सांसद रमा देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान बुरी तरह फंस गए हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान की टिप्पणी की संसद से लेकर सड़क तक निंदा हो रही है. उन्होंने संसद में जिस अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, उसको अश्लील माना जा रहा है. चूंकि उन्होंने यह अश्लील टिप्पणी संसद के भीतर की है, जिसके चलते उनके खिलाफ संसदीय कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

लोकससभा के प्रक्रिया और कार्य-संचालन नियम ( Rules of Procedure and Conduct of Business states) नंबर 373 के मुताबिक अगर लोकसभा अध्यक्ष को सदन में किसी सांसद का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक लगता है, तो लोकसभा अध्यक्ष उस सांसद को एक दिन के लिए सदन से निकाल सकते हैं. इसके बाद दोषी सांसद पूरे दिन सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकते. वहीं, नियम नंबर 374-A कहता है कि अगर लोकसभा अध्यक्ष को किसी सांसद का व्यवहार घोर आपत्तिजनक लगता है, तो अध्यक्ष ऐसे सांसद को पांच दिन की कार्यवाही या उस पूरे संसद सत्र से सस्पेंड कर सकता है.

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इसका मतलब यह हुआ कि अगर आजम खान के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो ज्यादा से ज्यादा उनको एक सत्र के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. अब यहां सवाल यह उठता है कि अगर आजम खान ने संसद से बाहर ऐसे टिप्पणी की होती, तो उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जा सकती थी.

संसद के बाहर बयान देने पर क्या होता एक्शन

इस संबंध में एडवोकेट राजेश शर्मा और एडवोकेट रोहित श्रीवास्तव से Aajtak.in ने बातचीत की. उन्होंने बताया कि आजम खान की टिप्पणी अश्लील थी. अगर उन्होंने बाहर ऐसी टिप्पणी की होती, तो उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 294 और 509 के तहत कार्रवाई की जाती. इन धाराओं के तहत तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है. एडवोकेट रोहित श्रीवास्तव का यह भी कहना है कि आजम खान के खिलाफ आईपीसी की धारा  354A और कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है.

आपको बता दें कि गुरुवार को मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2019 पर चर्चा में भाग लेते हुए आजम खान ने महिला सांसद रमा देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. रमा देवी उस समय सदन की अध्यक्षता कर रही थीं. आजम खान की इस अभद्र टिप्पणी पर सत्तापक्ष और सभी पार्टी की महिला सांसदों ने आपत्ति उठाई. साथ ही आजम खान से माफी मांगने को कहा. इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से आजम खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.

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