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केंद्र सरकार ने अपने भरोसेमंद IPS अफसर को भेजा असम, रोकेंगे हिंसा

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ असम में हिंसक प्रदर्शन जारी है. गृह सचिव ने गृहमंत्री अमित शाह को पूर्वोत्तर की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद राज्य सरकार के कहने पर असम कैडर के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को केंद्र सरकार ने असम भेजा है.

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आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह (फोटो: Twitter/@gpsinghassam)
आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह (फोटो: Twitter/@gpsinghassam)

  • आईपीएस जीपी सिंह को केन्द्र सरकार ने भेजा असम
  • एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी संभालेंगे जीपी सिंह

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ असम में हिंसक प्रदर्शन जारी है. गृह सचिव ने गृहमंत्री अमित शाह को पूर्वोत्तर की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद राज्य सरकार के कहने पर असम कैडर के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को केंद्र सरकार ने असम भेजा है. माना जा रहा है कि असम में वर्तमान हालात पर काबू करने के लिए केंद्र के सबसे भरोसे मंद अधिकारी के तौर पर जीपी सिंह उभर कर सामने आए हैं.

आपको बता दें कि जीपी सिंह 1991 बैच के असम कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. अब वह राज्य में एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर के पद पर रहते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को देखेंगे. असम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जीपी सिंह को स्पेशल फ्लाइट से तुरंत वहां कार्यभार संभालने के लिए भेजा गया है. जीपी सिंह ने अपने नई तैनाती का इजहार भी ट्विटर पर किया है. उन्होंने ट्वीट किया है, "वापस ASSAM ... !!! कर्मभूमि."

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गुवाहाटी में बड़े स्तर पर पुलिस में तबादले के बाद नए एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर जीपी सिंह ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत की. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च कराया जा रहा है. अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जा रहा है. इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं.

कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए. लाठीचार्ज भी किया गया. प्रदर्शनकारियों ने जमकर पत्थरबाजी की. गली-मोहल्लों में छुपकर पुलिस पर पत्थरबाजी की गई. रबर बुलेट और बड़ी तादाद में आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया. प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस का फ्लैग मार्च भी हुआ.

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