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अनुच्‍छेद-70 पर नरेंद्र मोदी को मिला शशि थरूर की पत्‍नी सुनंदा पुष्कर का साथ

बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कश्मीर रैली में अनुच्‍छेद 370 पर जो कहा उसपर सियासी घमासान छिड़ चुका है. ऐसे में मोदी को एक ऐसी शख्सियत का सपोर्ट मिला है, जिसके बारे में उन्होंने शायद ही कभी सोचा हो.

सुनंदा पुष्कर सुनंदा पुष्कर

बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कश्मीर रैली में अनुच्‍छेद 370 पर जो कहा, उस पर सियासी घमासान छिड़ चुका है. ऐसे में मोदी को एक ऐसी शख्सियत का सपोर्ट मिला है, जिसके बारे में उन्होंने शायद ही कभी सोचा हो.

केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी और खुद मूल रूप से कश्मीरी पंडित सुनंदा पुष्कर ने एक अंग्रेजी न्यूज चैनल के शो में कहा कि राज्य की महिलाएं अगर दूसरे राज्य के पुरुष से शादी करती हैं, तो उनके साथ भेदभाव होता है. अगर कोई कहता है कि ऐसा नहीं है, तो वो झूठ बोल रहा होता है.

सुनंदा ने सुनाई आपबीती...
सुनंदा पुष्कर ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा, '2006-07 और 2008 में मैंने जम्मू में जमीन खरीदने की कोशिश की थी. मैं अपने राज्य में जमीन लेना चाहती थी. लेकिन डीसी ऑफिस के अधिकारी, जिनका मैं नाम नहीं लूंगी, ने कहा कि आपने दूसरे राज्य के पुरुष से शादी की है और अब आप यहां जमीन नहीं खरीद सकती हैं. मैंने उन्हें बताया कि मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है, तो क्या मैं अभी भी कश्मीर की नागरिकता वापस हासिल नहीं कर सकती हूं? उन्होंने कहा, नहीं. और उनका लहजा बहुत रूड था. मैं काफी दिनों तक वहां जाती रही. तीन साल लगातार जाने के बाद मुझे कहा गया कि मैं यहां की नागरिकता दोबारा हासिल करने का हक खो चुकी हूं.'

कश्मीरी महिलाओं और पुरुषों में होता है भेदभाव
सुनंदा पुष्कर ने बताया, 'मैंने उनसे कहा कि मैं अपनी एक ऐसी दोस्त को जानती हूं जिसने एक कश्मीरी पुरुष से शादी की और वह कश्मीर में जमीन खरीद सकती है और उसके बच्चे भी आगे जाकर ऐसा कर सकते हैं. तो क्या आप मुझे ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि मैं कश्मीरी लड़की हूं और बाहर के राज्य में शादी करने के बाद मैं जमीन नहीं खरीद सकती, जबकि दूसरे राज्य की महिला से शादी करने के बाद कश्मीरी पुरुष भी जमीन खरीद सकते हैं और उनके बच्चे भी.'

सुनंदा पुष्कर ने उमर अब्दुल्ला से भी की बात...
सुनंदा ने बताया, 'मैंने इस मामले में उमर अब्दुल्ला से भी बात की. उन्होंने मुझे बताया कि 10 साल पहले कानून में बदलाव हुए हैं. अब मुझे ये समझ नहीं आ रहा कि सरकार और डीसी ऑफिस के बीच ये मिसकम्यूनिकेशन क्यों है? उमर ने मुझे खुद कहा कि ऐसा हो सकता है. मैं खुद इस मामले में आपकी मदद करूंगा. लेकिन उन्होंने मुझे बताया कि मैं कश्मीर की नागरिकता हासिल कर सकती हूं लेकिन मेरा बेटा नहीं.'

'अच्छी बात है कि मोदी ने ये मुद्दा उठाया'
सुनंदा पुष्कर ने कहा, 'मैं इस मुद्दे को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहती हूं. अच्छी बात है कि नरेंद्र मोदी ने ये मुद्दा उठाया. नेताओं को वोट चाहिए इसलिए वो इस मुद्दे पर बोल रहे हैं. बीजेपी जब खुद पावर में थी तो उसने क्या किया था. अभी वोट हासिल करने के लिए ये कहना कि हम ये करेंगे हम वो करेंगे बहुत आसान है. मैं बहुत खुश होंगी अगर इस मुद्दे पर कुछ होता है.' उन्होंने साथ ही साफ तौर पर कहा कि राज्य में महिलाओं के साथ भेदभाव किया जाता है.

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