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सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने की NIA तारीफ, बोले- आतंकी गतिविधियों पर रोक में बड़ी भूमिका

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने अधिकारियों और सैनिकों की सराहना की जिन्होंने अपने साहस के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभाया, जिसके परिणामस्वरूप लाइन ऑफ कंट्रोल पर बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) की कई गतिविधियों को नियंत्रित करने और भीतरी इलाकों में आतंकवादियों पर अंकुश लगाने में कामयाबी मिली.

सेनाध्यक्ष बिपिन रावत (फाइल-PTI) सेनाध्यक्ष बिपिन रावत (फाइल-PTI)

  • सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने गिनाईं भविष्य की चुनौतियां

  • कहा- स्वदेशी हथियारों से अगली जंग में होगी जीत

भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तारीफ करते हुए कहा कि प्रभावी और बड़ी संख्या में आतंकवादियों की धरपकड़ हुई है. यह सुरक्षा बलों तथा जांच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की वजह से संभव हो सका है. कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ भी इस तरह के तालमेल की व्यवस्था की जाएगी.

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने अधिकारियों और सैनिकों की सराहना की जिन्होंने अपने साहस के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभाया. जिसके परिणामस्वरूप लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) की कई गतिविधियों को नियंत्रित करने और भीतरी इलाकों में आतंकवादियों पर अंकुश लगाने में कामयाबी मिली.

आर्मी कमांडर्स सम्मेलन

नई दिल्ली में आज मंगलवार को आर्मी कमांडर्स के सम्मेलन में कठिन और चुनौतीपूर्ण वातावरण में तैनात फील्ड फोर्स की आवश्यकताओं को समयबद्ध तरीके से लगाए जाने पर चर्चा की गई. टास्क के समयबद्ध समापन के साथ-साथ जमीनी स्थिति और आवश्यकताओं को पूरा करने की जरूरत पर चर्चा की गई.

अपने संबोधन में सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने अपने सैनिकों की तारीफ की और उन्हें पश्चिमी तथा पूर्वी सीमाओं के साथ भीतरी इलाकों में चुनौतियों का सामना करने के लिए बधाई भी दी. उन्होंने कहा कि परिचालन की जिम्मेदारी ईमानदार और समर्पित तरीके से सभी रैंक के लोगों द्वारा निभाई गई, जिसके कारण नियंत्रण रेखा (LoC) पर BAT की कई गतिविधियों को खत्म किया जा सका और आतंकवादियों पर अंकुश लगाया जा सका.

भविष्य की जंग

इससे पहले भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) के एक कार्यक्रम में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने एक बार फिर भविष्य के खतरों को देखते हुए कहा कि अब हमारी नजर ऐसे सिस्टम पर है, जिनकी जरूरत भविष्य की जंग में होगी. हमें साइबर, स्पेस, लेजर, इलेक्ट्रॉनिक और रोबोटिक टेक्नॉलोजी को बढ़ावा देना होगा, जिनसे भविष्य में चुनौतियों का सामना किया जा सके. उन्होंने कहा कि DRDO ने देश के लिए कई ऐसे काम किए हैं, जिनसे सेना को काफी फायदा पहुंचा है.

सेना प्रमुख रावत ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि हम अगला लड़ाई जब भी लड़ेंगे, तो उसे जीतेंगे. और ये जीत स्वदेशी हथियारों के दम पर होगी. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कई बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि हमें भविष्य की जंग के लिए तैयार रहना होगा, जो टेक्नॉलोजी पर होगी.

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