प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बयान दिया है कि कांग्रेस के मंत्री ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि उनकी पार्टी के एक नेता ने मुसलमानों के बारे में गटर में पड़े रहने की बात कही थी. पीएम मोदी ने संसद में किसी नेता का नाम लिए बिना यह बयान दिया था जिसके बाद यह बयान देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान सामने आए हैं. आरिफ मोहम्मद खान ने वो पूरा घटनाक्रम बताया है जिसका हवाला पीएम मोदी ने अपने बयान में दिया है.
आजतक से खास बातचीत में राजीव गांधी सरकार में मंत्री रहे आरिफ मोहम्मद खान ने बताया कि शाहबानो केस का जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने विरोध किया तो उन्होंने इस पर असहमति जताते हुए अपना इस्तीफा दे दिया. आरिफ खान ने कहा, 'सरकार से इस्तीफा देकर मैं अपने घर नहीं गया, किसी दोस्त के यहां चला गया ताकि कोई मुझे संपर्क नहीं कर सके. अगले दिन मैं संसद गया तो कांग्रेस के कुछ नेता मुझे समझाने आए. सबसे आखिर में नरसिम्हा राव आए और कहा कि तुम इतना अच्छा बोलते हो, लेकिन जिद्दी बहुत हो.'
आरिफ खान के मुताबिक, इस दौरान नरसिम्हा राव ने उनसे कहा कि कांग्रेस पार्टी मुसलमानों का सामाजिक सुधार करने के लिए नहीं है और न ही तुम हो इसलिए तुम ऐसा क्यों कर रहे हो. आरिफ मोहम्मद खान ने बताया कि इसके बाद नरसिम्हा राव ने कहा कि अगर कोई गटर में पड़े रहना चाहता है तो रहने दो.मुसलमानों के नाम पर दिन रात आँसू बहाने वाली कांग्रेस की हक़ीक़त...
— Amit Malviya (@amitmalviya)
नरसिम्हा राव के हवाले से आरिफ मोहम्मद खान ने जो ये बयान दिया है, उसी का जिक्र मंगलवार को लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने किया. सिर्फ इतना ही नहीं, बीजेपी ने पीएम मोदी के बयान के बाद आरिफ मोहम्मद खान के पुराने इंटरव्यू का वो हिस्सा भी जारी किया, जिसमें उन्होंने यह खुलासा किया था. अब आरिफ मोहम्मद खान ने आजतक से बात करते हुए भी अपने पुराने बयान को दोहराया है.