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बिगड़ते मौसम ने फिर रोका AN-32 विमान क्रैश साइट पर सर्च ऑपरेशन

बचाव कार्य के लिए क्रैश साइट पर चीता और ALH हेलिकॉप्टर मौजूद हैं, मौसम में सुधार होते ही एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल इलाके में हल्के बादल के साथ बारिश जारी है. शवों को ढूंढने की हर मुमकिन कोशिश वायुसेना की ओर से जारी है.

AN-32 विमान की क्रैश साइट (फाइल फोटो) AN-32 विमान की क्रैश साइट (फाइल फोटो)

वायुसेना की सर्च टीम  शनिवार सुबह एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश में एएन-32 की क्रैश साइट पर पहुंच कर लापता शवों को ढूंढने का कार्य शुरू किया लेकिन बिगड़ते मौसम के बाद इसे रोक दिया गया है.

बचाव कार्य के लिए क्रैश साइट पर चीता और ALH हेलिकॉप्टर मौजूद हैं, मौसम में सुधार होते ही एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल इलाके में हल्के बादल के साथ बारिश जारी है. शवों को ढूंढने की हर मुमकिन कोशिश वायुसेना की ओर से जारी है.

इसके साथ ही वायुसेना मृतकों के परिवार वालों से पूरा संपर्क बनाए हुए है और सर्च ऑपरेशन से जुड़ी हर खबर उन तक पहुंचाई जा रही है. साथ ही वायुसेना समय-समय पर वहां की मौसम की स्थिति से से भी अवगत करवा रही है.

बता दें कि 3 जून को असम के जोरहाट से उड़े AN-32 का मलबा 11 जून को अरुणाचल प्रदेश के टेटो इलाके के पास मिला था. इसके बाद से ही क्रैश साइट पर पहुंचन कर शवों के बचाव कार्य को करने की पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन इसमें बार-बार मौसम बाधा बन रहा है. जोरहाट से चीन की सीमा के पास अरुणाचल के मेंचुका के लिए उड़ान भरने वाला वायुसेना का एएन-32 विमान 3 जून दोपहर करीब एक बजे लापता हो गया था.

इसके बाद एयर रूट से 15 से 20 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश के टेटो इलाके के पास घने जंगल में विमान का मलबा मिला. इस विमान में जीएम चार्ल्स, एच विनोद, आर थापा, ए तंवर, एस मोहंती, एमके गर्ग, केके मिश्रा, अनूप कुमार, शेरिन, एसके सिंह, पंकज, पुताली और राजेश कुमार थे.

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