scorecardresearch
 

लंदन में नीरव मोदी के खिलाफ प्रत्यर्पण ट्रायल शुरू, पहले दिन भारत सरकार ने रखा पक्ष

कोरोना की वजह से फ्लाइट ऑपरेशन्स नहीं होने की वजह से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी नीरव मोदी मामले में सुनवाई के लिए लंदन नहीं पहुंच सके. हालांकि भारतीय उच्चायोग से एक प्रतिनिधि कोर्ट में मौजूद रहा. सुनवाई 5 दिन चलेगी.

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर लंदन की अदालत में 5 दिन की सुनवाई शुरू (फाइल-REUTERS) नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर लंदन की अदालत में 5 दिन की सुनवाई शुरू (फाइल-REUTERS)

  • नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर लंदन में 5 दिन की सुनवाई शुरू
  • प्रत्यर्पण के बाद नीरव को आर्थर रोड जेल में रखेंगेः भारत
  • ब्रिटेन की अदालत में नीरव की 5 जमानत याचिकाएं खारिज
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर लंदन में सोमवार से 5 दिन की सुनवाई शुरू हुई. नीरव मोदी 13,000 करोड़ रुपये के बैंक घोटाला मामले में भारत में वांछित है. फॉर्मल काला कोट पहने नीरव मोदी की वेंड्सवर्थ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई. पेशी वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में जज सैमुअल गूजी के सामने हुई.

नीरव मोदी मार्च 2019 से न्यायिक हिरासत में वेंड्सवर्थ जेल में हैं. कोर्ट में भारत के पक्ष की पैरवी क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस (CPS) की ओर से बैरिस्टर हेलेन मैल्कम की ओर से की जा रही है.

कोरोना महामारी की वजह से फ्लाइट ऑपरेशन्स नहीं होने की वजह से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी सुनवाई के लिए लंदन नहीं पहुंच सके. हालांकि भारतीय उच्चायोग से एक प्रतिनिधि कोर्ट में मौजूद रहा.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

CPS की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अगर नीरव मोदी को भारत में प्रत्यर्पित किया जाता है तो उसे मुंबई के आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा. आजतक/इंडिया टुडे को पता चला है कि नीरव मोदी के लिए आर्थर रोड जेल में बैरक नंबर 12 तैयार किया गया है.

बैंकों के साथ धोखाधड़ी

बैरिस्टर हेलेन मैल्कम ने कोर्ट के डिजिटल कॉमन व्यूइंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए कहा, “इस मामले में असल में जटिल कुछ भी नहीं है. इसमें 3 पहलुओं को शामिल किया गया है– “धोखाधड़ी, फिर धोखाधड़ी के उस पैसे की लॉन्ड्रिंग और चीजों को अपने साम्राज्य में इधर से उधर घुमाना.”

कोर्ट को नीरव मोदी के हथकंडों के बारे में बताया गया कि मिसाल के लिए जैसे कि मोती खरीदने के बहाने सस्ती दर पर नीरव मोदी ने देश के स्थानीय बैंकों से कर्ज लिया.

लोन के लिए बैंक गारंटी की जरूरत होती है. इन्हें पंजाब नेशनल बैंक के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों से कथित साठगांठ के जरिए MoUs से जुटाया गया. फिर इस तरह लिए लोन के पैसे का इस्तेमाल कुछ खरीदने में नहीं बल्कि पहले लिए गए लोन को चुकाने में किया गया.

इसे भी पढ़ें --- नीरव मोदी को जल्द लाया जा सकता है भारत, लंदन में प्रत्यर्पण ट्रायल शुरू

बैरिस्टर मैल्कम ने कहा, "हर लोन का भुगतान पहले से ज्यादा लिए गए लोन से किया गया. इस तरह से मोदी ने "लोन की पोंजी स्कीम" से अपना साम्राज्य खड़ा किया.”

यूएई और हांगकांग में नीरव की कंपनियां

CPS ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी गोकुलनाथ शेट्टी के खातों में बड़ी रकम रिश्वत के रूप में ट्रांसफर की गई.

वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट को बताया कि नीरव मोदी की ओर से संचालित की जा रही यूएई में 13 और हांगकांग में 6 कंपनियों का पता चला है जिनका फर्जीवाड़े के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

बैरिस्टर हेलेन मैल्कम ने कोर्ट के समक्ष आरोप लगाया कि नीरव मोदी ने अपने खिलाफ बयान देने पर गवाह को जान से मारने की धमकी दी. नीरव मोदी के भाई का नाम बताते हुए CPS ने यह भी आरोप लगाया कि निहाल मोदी ने काहिरा में सबूत नष्ट करने के लिए मोबाइल फोन और सर्वर को नष्ट कर दिया. मंगलवार को नीरव मोदी की तरफ से वकील मे-क्लेयर मोंटगोमरी, क्यूसी की ओर से पैरवी की जाएगी.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

भारत के नीरव पर 2 और नए आरोप

भारत सरकार ने हाल में 2 अतिरिक्त आरोपों के साथ नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए ताजा आग्रह किया था. इन आरोपों में ‘सबूतों को गायब करना और ‘गवाहों को जान से मारने की धमकी देना’ शामिल है. इसे अलग केस की तरह लिया जाएगा और CPS के मुताबिक इसकी अलग से सुनवाई जुलाई में हो सकती है.

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट और ब्रिटेन के हाईकोर्ट में नीरव मोदी की 5 जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं. नीरव मोदी का प्रत्यर्पण ट्रायल 15 मई तक चलने की संभावना है. इसके बाद ही केस का रूख साफ होगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×