पूर्व कप्तान और पाकिस्तान के मध्यक्रम के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शुमार मोहम्मद युसूफ ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर उन्हें यह फैसला लेने के लिये मजबूर करने का आरोप लगाया.
युसूफ ने कराची प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा , ‘मैने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है. इसके लिये वे हालात जिम्मेदार हैं जिनसे मैं हाल ही में गुजरा हूं.’ 35 बरस के युसूफ हाल ही में न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया दौरे पर पाकिस्तान के कप्तान थे जिसमें टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम के खराब प्रदर्शन की जांच के लिये समिति का गठन किया था.
समिति ने युसूफ और यूनिस खान पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. उन पर टीम में गुटबाजी करके मनोबल गिराने का आरोप लगाया गया. युसूफ ने कहा, ‘बोर्ड ने मुझे पत्र लिखकर कहा कि मैने आस्ट्रेलिया में टीम का माहौल खराब किया लिहाजा मैने रिटायर होने का फैसला किया.’ युसूफ ने कहा, ‘मैने हमेशा देश को अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है. मैं टीम के लिये परेशानी का सबब नहीं बनना चाहता लिहाजा रिटायर होना ही ठीक है.’
प्रेस कांफ्रेंस में किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए युसूफ ने कहा कि वह घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीग में खेलते रहेंगे क्योंकि वह क्रिकेट से नाता नहीं तोड़ना चाहते. उन्होंने कहा, ‘बोर्ड ने मुझे अपनी सफाई में कुछ कहने का मौका ही नहीं दिया. मुझ पर ऐसे इल्जामात लगाये गए जिससे मेरा दिल टूट गया है.’
न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया दौरे पर शर्मनाक हार के बाद पीसीबी ने युसूफ और यूनिस पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया जबकि शोएब मलिक और राना नावेदुल हसन पर जुर्माना तथा एक साल का प्रतिबंध लगाया गया. कामरान अकमल, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी पर छह माह के प्रोबेशन के साथ जुर्माना भी लगाया गया. पहले युसूफ योहाना नाम से ईसाई धर्म का पालन करने वाले युसूफ ने 1998 में जोहानिसबर्ग में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. उन्होंने 88 टेस्ट खेलकर 53.07 की औसत से 7431 रन बनाये. उन्होंने 282 वनडे में 42.39 की औसत से 9624 रन जोड़े.