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संसद के शीतकालीन सत्र से पहले हंगामा, SP ने कहा- विवादित बिल आया, तो नहीं चलने देंगे सदन

चुनाव की तपिश के साथ-साथ कई अहम मुद्दों को लेकर देश का सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है. ऐसे में गुरुवार से शुरू होने जा रहा संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं. सियासी पार्टियों ने बयानों के जरिए अभी से ही घमासान के संकेत दे दिए हैं.

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चुनाव की तपिश के साथ-साथ कई अहम मुद्दों को लेकर देश का सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है. ऐसे में गुरुवार से शुरू होने जा रहा संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार होने की संभावना है. सियासी पार्टियों ने बयानों के जरिए अभी से ही घमासान के संकेत दे दिए हैं.

शीतकालीन सत्र में बहुचर्चित महिला आरक्षण विधेयक और लोकपाल विधेयक पारित कराना सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर हैं. दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने कहा है कि अगर विवादित बिल पेश हुआ, वह संसद नहीं चलने देगी.

संसद की कार्यवाही बिना बाधा के चल सके, इसके लिए लोकसभा की स्पीकर मीरा कुमार ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे. कमलनाथ ने स्वीकार किया कि यूपीए को बाहर से समर्थन दे रही सपा को महिला आरक्षण विधेयक पर एतराज है, लेकिन सरकार उसके साथ बातचीत करने का प्रयास करेगी.

समाजवादी पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक और प्रमोशन में अनुसूचित जाति और जनजाति के सदस्यों को आरक्षण संबंधी विधेयक लाए जाने पर कार्यवाही बाधित करने की धमकी दी है. बीजेपी और एजीपी (असम गण परिषद) ने भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते पर संविधान संशोधन विधेयक लाए जाने की किसी योजना का भारी विरोध किया.

राज्यसभा में पास हो चुका है महिला आरक्षण विधेयक
महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पारित हो चुका है और लोकसभा से मंजूरी का इंतजार है. वहीं लोकपाल विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और  यह ऊपरी सदन में लंबित है. गृहमंत्री और लोकसभा में सदन के नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि कैबिनेट से इसे जल्दी ही मंजूरी मिल जाएगी और इसे सदन में पेश करने के पहले राष्ट्रपति के पास उनकी सहमति के लिए भेजा जाएगा.

तेलंगाना की स्थापना के लिए विधेयक एजेंडा में नहीं
तेलंगाना की स्थापना के लिए विधेयक एजेंडा में लिस्‍टेड नहीं है. लेकिन सरकार का कहना है कि वह इसे सत्र के दौरान पेश करने का प्रयास करेगी. सांप्रदायिक हिंसा विधेयक के इस सत्र में लाए जाने की संभावना नहीं है, क्योंकि यह अभी गृह मंत्रालय की स्थाई समिति में ही है.

मुख्य विपक्षी पार्टी ने पटना में पार्टी की रैली में विस्फोटों के मद्देनजर आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा कराए जाने की मांग की है. पार्टी महिलाओं के उत्पीड़न, 2जी घोटाला संबंधी जेपीसी जैसे संवैधानिक निकायों में गिरावट पर भी चर्चा कराए जाने के पक्ष में है. वामपंथी पार्टियां मुजफ्फरनगर दंगों के आलोक में ‘बिगड़ती सांप्रदायिक स्थिति’, आर्थिक संकट, महंगाई और देश में बेरोजगारी पर चर्चा चाहती है.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि अगप ने भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता से संबंधित विधेयक पेश किए जाने का भी विरोध करने की धमकी दी है.

शीत सत्र में सिर्फ 12 बैठकें
कमलनाथ ने कहा कि यह छोटा सत्र है और सरकार अहम लंबित विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता उन विधेयकों को पारित कराने की है, जो एक सदन में पारित हो गए हैं, लेकिन दूसरे सदन में लंबित हैं. इस सत्र में सिर्फ 12 बैठकें होगी, जिनमें से तीन दिन गैर-सरकारी कामकाज के लिए होंगे. कमलनाथ ने कहा कि अगर समय बचा, तो दूसरे दलों की मांगों पर अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कराने का हमारा प्रयास होगा. उन्होंने दावा किया कि सभी दलों ने कहा है कि वे चाहते हैं कि सदन सुचारू रूप से चले. उन्होंने कहा कि विधेयकों को पारित कराने के लिए जरूरत हुई तो हम देर तक बैठेंगे.

सुषमा स्वराज ने कहा कि वे यह देखकर चकित थीं कि तेलंगाना विधेयक सत्र के लिए सरकार की सूची में शामिल नहीं है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस सत्र में पारित कराने के लिए बेहतर और मजबूत लोकपाल विधेयक लाएगी.

माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि यह लोकसभा चुनावों के पहले प्रभावी रूप से आखिरी सत्र होगा, क्योंकि अगला सत्र सिर्फ लेखानुदान पारित कराने के लिए होगा. अनुदान की पूरक मांगों पर दो दिन चर्चा होने की संभावना है. येचुरी ने कहा कि सरकार के रवैए के कारण सदन की कार्यवाही बाधित होती है.

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