ओवैसी ने कहा कि जिन्होंने मस्जिद को शहीद किया था, जिनके ऊपर क्रिमिनल केस चल रहा है उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद्म श्री अवार्ड से नवाजा है. ओवैसी ने कहा कि हम अपनी मस्जिद को याद रखेंगे, हम बाबरी मस्जिद को नहीं भूलेंगे.
पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट का कैसा होगा स्वरूप, महंत नृत्य गोपाल दास का नाम प्रमुख के लिए सबसे आगे
बाबरी मस्जिद में मूर्तियां रखना क्रिमिनल एक्ट
आजतक से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि मैंने शुरू में ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट बड़ा ही विचित्र जजमेंट है. सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में यह भी कहा था कि उस मस्जिद के अंदर मूर्तियां रखना क्रिमिनल एक्ट है. सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट से स्पष्ट है कि यह एक टाइटल सूट था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रस्ट बनाइए यह हमें समझ में नहीं आता है.
पढ़ें: सामने आया राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सदस्य का नाम, विमलेंद्र मोहन होंगे ट्रस्टी
ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों पर मस्जिद गिराने का आरोप है, इनमें बीजेपी के कई नेता हैं. इन्हें ही यह काम दे दिया गया है. ओवैसी ने कहा कि बीजेपी आखिर कोर्ट के जजमेंट का क्रेडिट क्यों लेना चाह रही है.
मस्जिद के लिए सरकारी जमीन नहीं लेनी चाहिए
एआईएमआईएम सांसद ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का फैसला है कि हमें मस्जिद के लिए जमीन नहीं चाहिए. ये सही फैसला है. मुसलमान मस्जिद कहीं भी बना सकता है. 5 एकड़ की क्या जरूरत है. उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड अगर जमीन लेना चाहता है तो वह गलत कर रहा है उन्हें जमीन नहीं लेनी चाहिए. बकौल ओवैसी भारत का मुसलमान यकीनी तौर पर गरीब है लेकिन इतना भी गरीब नहीं कि अपने पैसों से अपनी मस्जिद ना बना पाए.