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विलय के बाद AIADMK में पन्नीरसेल्वम और पलानीसामी की होगी ये भूमिका

पन्नीरसेल्वम ने शनिवार को कहा था, 'एआईएडीएमके में कोई मतभेद नहीं हैं और तमिलनाडु की जनता व एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं की इच्छानुसार विलय के लिए बातचीत सही प्रकार से जारी है, जितनी जल्द हो सकेगा, कोई अच्छा फैसला ले लिया जाएगा.'

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पन्नीरसेल्वम और पलानीसामी पन्नीरसेल्वम और पलानीसामी

एआईएडीएमके के दोनों गुटों के विलय की स्थिति में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम पार्टी प्रमुख होंगे जबकि मुख्यमंत्री ई पलानीसामी मुख्यमंत्री बने रहेंगे. पन्नीरसेल्वम गुट के एक नेता ने यह जानकारी दी है. नेता ने यह भी कहा कि सरकार पार्टी के वर्तमान पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाए बिना पार्टी के और सदस्यों के लिए विधान परिषद के पुनर्जीवन की संभावना पर भी विचार कर सकती है.

उप मुख्यमंत्री बन सकते हैं पन्नीरसेल्वम

तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके के संस्थापक एम जी रामचंद्रन ने 1986 में विधान परिषद को समाप्त कर दिया था. नेता ने नाम का खुलासा ना करने की शर्त पर कहा, 'जहां तक पार्टी मामलों का सवाल है, पन्नीरसेल्वम सबसे ऊपर और उसके बाद पलानीसामी का स्थान होगा. वहीं, सरकार में संभवत: पन्नीरसेल्वम उप मुख्यमंत्री होंगे.'

सरकार और पार्टी में ठीक की जाएंगी चीजें

उन्होंने कहा, 'हमारे गुट के कुछ विधायकों को भी मंत्रिपरिषद में स्थान मिलेगा.' पन्नीरसेल्वम गुट द्वारा सरकार के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर नेता ने कहा, 'स्थिति में सुधार किया जाएगा. सरकार और पार्टी में चीजें ठीक की जाएंगी.'

AIADMK में कोई मतभेद नहीं

पन्नीरसेल्वम ने शनिवार को कहा था, 'एआईएडीएमके में कोई मतभेद नहीं हैं और तमिलनाडु की जनता व एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं की इच्छानुसार विलय के लिए बातचीत सही प्रकार से जारी है, जितनी जल्द हो सकेगा, कोई अच्छा फैसला ले लिया जाएगा.'

वापस मिल जाएगा चुनाव चिन्ह

18 अगस्त को दोनों गुट विलय के करीब थे और मरीना बीच पर दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के स्मारक पर किसी घोषणा की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अंतिम क्षणों में पैदा हुई जटिलताओं के कारण इसमें देर हो गई. विलय की स्थिति में एआईएडीएमके को अपना चुनाव चिन्ह 'दो पत्तियां' वापस मिल जाएगा.

जरूरी था शशिकला को निकालना

एआईएडीएमके नेता के पी मुनुस्वामी ने शनिवार को इन खबरों को खारिज किया कि वह दोनों गुटों के विलय में रोड़ा अटका रहे हैं. लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि पार्टी और राज्य के हित में शशिकला को पार्टी से निकाला जाना जरूरी है. पूर्व मंत्री और पन्नीरसेल्वम गुट के दिग्गज नेता मुनुस्वामी ने कहा कि जयललिता की करीबी रहीं शशिकला को निकाला जाना पन्नीरसेल्वम द्वारा शुरू किए गए 'धर्म युद्ध' की बुनियादी जरूरत है.

पन्नीरसेल्वम के हर फैसले का समर्थन

उन्होंने पूछा, 'मैंने इस मामले में एक कड़ा रुख अपनाया है. इसे रोड़ा कैसे कहा जा सकता है?' हालांकि, मुनुस्वामी ने कहा कि वह और अन्य सभी पन्नीरसेल्वम के हर फैसले का समर्थन करेंगे.

 

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