सरकार की ओर से अफजल के परिवार वालों को फांसी की चिट्ठी मिलने की बात करने वाले केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह के दावे की पोल सोमवार को तब खुली जब अफजल के परिवारवालों को चिट्ठी सोमवार सुबह को मिली.
शनिवार, 9 फरवरी को सुबह 7 बजे दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी देने के बाद अफजल को वहीं इस्लामिक रीति-रिवाज से दफना दिया गया था.
श्रीनगर जीपीओ के पोस्ट मास्टर जनरल जॉन सैमुअल ने बताया कि हमे यह चिट्ठी 9 फरवरी को मिली. रविवार चूंकि साप्ताहिक छुट्टी का दिन था इसलिए यह चिट्ठी आज (11 फरवरी) सुबह अफजल की पत्नी को दिया गया.
सैमुअल ने बताया कि हालांकि उसके परिवार वालों ने पोस्ट मास्टर के साथ नरमी के साथ बर्ताव किया. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस बारे में नहीं पता कि यह चिट्ठी केंद्र सरकार की ओर से भेजा गया था.
इस प्रक्रिया पर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहले ही सवाल उठाया था. अब्दुल्ला ने कहा था कि चिट्ठी द्वारा किसी परिवार को फांसी की सूचना की खबर देना अपने आप में प्रश्न उठाता है.