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लश्कर का बम एक्सपर्ट, दाउद का करीबी टुंडा गिरफ्तार, पाकिस्तान का पासपोर्ट मिला

आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का बम एक्सपर्ट अब्दुल करीम टुंडा को भारत-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया. टुंडा को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया जाएगा. 70 साल के इस आतंकवादी के खिलाफ 33 मामले दर्ज हैं.

आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का बम एक्सपर्ट अब्दुल करीम टुंडा को भारत-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया. टुंडा को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया जाएगा. 70 साल के इस आतंकवादी के खिलाफ 33 मामले दर्ज हैं.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने टुंडा को गिरफ्तार किया. 1996 से 1998 के बीच दिल्ली, पानीपत, सोनीपत, लुधियाना, कानपुर और वाराणसी में हुए बम धमाकों का मास्टरमाइंड टुंडा पिछले दो सालों से यूएई, बांग्लादेश और नेपाल में छिपा हुआ था. टुंडा की गिरफ्तारी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं.

दिल्ली पुलिस ने कहा, 'टुंडा को 16 अगस्त को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया. टुंडा कई आतंकवादी मामलों में वांटेड था. टुंडा के पास से पाकिस्तान का पासपोर्ट मिला है. पासपोर्ट अब्दुल कद्दू के नाम से है. कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान टुंडा और उसके साथियों ने दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों पर ब्लास्ट करने की साजिश रची थी. टुंडा के कुछ साथी अभी भी फरार हैं.'

कौन है अब्दुल करीम टुंडा?
अब्दुल करीम टुंडा लश्कर-ए-तैयबा का बम एक्सपर्ट है. टुंडा दाऊद और हाफिज सईद का करीबी है. टुंडा 1996 से 1998 के बीच भारत में अलग-अलग जगहों पर हुए बम धमाकों का मास्टरमाइंड रह चुका है. इतना ही नहीं 2000 से 2005 तक माना जाता था कि टुंडा मर चुका है, लेकिन 2005 LeT चीफ कॉर्डिनेटर अब्दुल रजाक मसूद ने गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया था कि टुंडा अभी भी जिंदा है. उसने खुलासा किया था कि टुंडा जिंदा है और उसकी पत्नी और दो बच्चे भी हैं.

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