उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की है. उन्होंने प्रदेश के अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा की.
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से यूपी के लिए किसी विशेष पैकेज की मांग नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति जल्द ही ठीक हो जाएगी.
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री से इलाहाबाद में होने वाले कुंभ मेले के इंतजाम और बिजली, पानी, सड़क आदि को लेकर चर्चा की गई.
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मनरेगा जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए कोष सुगमता से उपलब्ध कराने के साथ ही आगामी कुंभ मेले के आयोजन, गंगा सफाई योजना तथा राज्य को कोयले की आपूर्ति में मदद मांगी.
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आए अखिलेश की मनमोहन के साथ करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए अपनी नीतियों और कार्यक्रमों पर चर्चा की और इन्हें लागू करने के लिए मदद की मांग की.
बातचीत के बाद अखिलेश यादव ने संवाददाताओं को बताया, ‘हमने राज्य के लिए किसी पैकेज की मांग नहीं की. प्रधानमंत्री के साथ यह एक अच्छी मुलाकात रही. मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश से जुड़े मनरेगा, सड़क, कोयले की कमी से जुड़ी समस्याओं, जल्दी ही होने वाले कुंभ मेले के आयोजन और गंगा सफाई परियोजना समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई.’
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने केंद्र की सहायता और योजनाओं के लिए जरूरी कोष की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया है कि सभी योजनाओं के लिए कोष भेजा जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें ,बिजली और पेयजल उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार की प्राथमिकताएं हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्र को राज्य के लिए कोष जारी करना चाहिए, तभी उन विकास कार्यों को पूरा किया जा सकेगा जिनका सीधा फायदा आम आदमी तक पहुंचे. अगर उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा तो देश का भी विकास होगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है और उसके विकास का राष्ट्र के सकल विकास में महत्वपूर्ण स्थान है.
अखिलेश ने कहा कि कानून और व्यवस्था उनकी सरकार की प्राथमिकता है. यह पूछे जाने पर कि उनकी पूर्ववर्ती मायावती सरकार की संलिप्तता वाले भ्रष्टाचार के मामलों में क्या कार्रवाई की गई है, उन्होंने कहा कि वह मामले पर विचार कर रहे हैं और परिणाम बहुत जल्द सामने आएगा.
उन्होंने कहा कि जिन्होंने पार्क बनाए और उनमें हाथियों और खुद अपनी मूर्तियां लगवाईं उन्हें पहले ही मतदाता सजा दे चुके हैं और बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं. हालांकि ये बात स्पष्ट रूप से मायावती की ओर इंगित थी लेकिन उन्होंने बसपा प्रमुख का नाम नहीं लिया.
मुख्यमंत्री के रूप में एक महीना पूरा कर चुके यादव ने कहा,‘ हम पुरानी की जगह नई नीतियां और योजनाएं लागू कर रहे हैं. आप अगले तीन महीने में परिणाम खुद देख लेंगे.’
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में एनसीटीसी का मुद्दा भी उठा, अखिलेश ने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मसले बाद में होने वाली बैठक में उठेंगे. वे केंद्र द्वारा आगामी 16 अप्रैल को बुलाए मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन का उल्लेख कर रहे थे.
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाद में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से भी शिष्टाचार भेंट की.