सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सुधारों की आड़ में देश को विदेशी हाथों में बेच रही है.
उन्होंने कहा कि मुझे सत्ता का लालच नहीं है इसलिए मैंने घोटालेबाज और बेईमान सरकार से समर्थन वापस लिया. हम लोग आम आदमी की लड़ाई लड़ रहे हैं.
ममता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार उनकी रैली को बाधित करने की कोशिश कर रही थी. उन्होंने कहा, 'आखिर सरकार को हमारी रैलियों से इतना डर क्यों लगता है? इतना ही नहीं केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में भी हमारी सरकार को अस्थिर करना चाहती है.'
रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'अब हमारा आंदोलन पूरे देशभर में चलेगा. हम उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा से लेकर राजस्थान तक हर राज्य में जाएंगे. ये सरकार संघीय ढांचे के खिलाफ काम कर रही है.'
ममता ने एलान किया कि आगामी सत्र में उनकी पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. उन्होंने ये भी घोषणा की कि एक संघीय मोर्चे के गठन की भी कोशिश की जाएगी.
इससे पहले टीएमसी सांसदों ने भी केंद्र को जमकर कोसा. पार्टी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि आर्थिक सुधारों के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले जनविरोधी हैं. टीएमसी सांसद सुगाता रॉय ने कहा कि रिटेल में एफडीआई लाने से बेरोजगारी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार के इन फैसलों के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी.
केंद्र सरकार के विरोध में टीएमसी की रैली में शरद यादव भी पहुंचे.
गौरतलब है कि ममता डीजल के दामों में इजाफे, सब्सिडी वाले LPG सिलेंडरों की संख्या सीमित करने और खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को मंजूरी देने के सरकार के फैसले से नाराज हैं. इस मसले पर उन्होंने केंद्र सरकार से अपना समर्थन भी वापस ले लिया था.