उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केरल के पीडीपी नेता और 2008 के बेंगलूर सीरियल बम धमाका मामले में आरोपी अब्दुल नासिर मदनी को निर्देश दिया कि वह नियमित जमानत के लिए याचिका दायर करे क्योंकि वह पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं.
न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू और टी एस ठाकुर ने भी कहा कि मदनी किसी सक्षम अदालत के सामने अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर कर सकता है जिस पर उसी दिन सुनवाई की जाएगी.
न्यायालय ने कहा कि सक्षम अदालत तीन अगस्त को मदनी की जमानत याचिका रद्द करने के दौरान कर्नाटक उच्च न्यायालय की ओर से रखे गए किसी नजरिए से प्रभावित नहीं होगी.
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मदनी की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता क्योंकि वह पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं. सरकारी वकील संजय हेगड़े ने दोपहर में मदनी की गिरफ्तारी के बाबत पीठ को अवगत कराया.
इससे पहले, न्यायालय में मदनी का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता पिनाकी मिश्रा ने आरोप लगाया कि मदनी को अग्रिम जमानत पाने की उनकी कोशिशों को हताश करने के लिए गिरफ्तार किया गया है.
मिश्रा ने दावा किया कि मदनी के खिलाफ गैर जमानती वारंट 11 जून को जारी होने के बावजूद उन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया गया ताकि उन्हें अग्रिम जमानत नहीं मिल सके.