खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट और लार्सन एंड टुब्रो के मजबूत नतीजों से उत्साहित निवेशकों ने गुरुवार को चुनिंदा शेयरों की शेयरों की लिवाली तेज कर दी जिससे बंबई शेयर बाजार में तीन दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया.
पिछले तीन दिन में कई शेयरों के दाम खरीद के नजरिए से अच्छे खासे नीचे आ गये थे. पिछले तीन सत्रों में 445 अंक गंवाने वाला बंबई शेयर बाजार का तीस शेयरों वाला सेंसेक्स लिवाली के समर्थन से 55.20 अंक या 0.31 प्रतिशत मजबूत होकर 18,141.40 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह 18,198.45 से 18,057.82 अंक तक चढा उतरा. नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 7.50 अंक या 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,428.10 अंक पर बंद हुआ.
ढांचागत क्षेत्र की कंपनी एलएंडटी ने 31 मार्च को समाप्त चौथी तिमाही में 1,686.21 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि से 17.25 प्रतिशत अधिक है. एलएंडटी के शेयर में 5.92 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ. गिरे भाव पर लिवाली निकलने से ओएनजीसी में तेजी लौटी और यह शेयर 1.20 प्रतिशत लाभ में रहा. रिलायंस इंडस्ट्रीज भी 1.45 प्रतिशत चढ़ गया.
ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका से रीयल्टी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई. सात मई को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 7.47 प्रतिशत पर आने और वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख से बाजार की धारणा मजबूत हुई.
यूरोपीय बाजारों ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी से सकारात्मक संकेतों से भी बाजार की धारणा मजबूत हुई. आईआईएफएल के शोध प्रमुख (भारतीय निजी ग्राहक) अमर अंबानी ने कहा, ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी ने बाजार को गिरावट से बचाया. शुक्रवार को सभी की निगाह एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनी आईटीसी के नतीजों पर रहेगी. पर बड़े संस्थानों की भागीदारी न होने की वजह से आगे बढ़त का रुख सीमित ही नजर आता है.’ अंबानी ने कहा कि ऐसे में आगे चलकर निवेशकों को सतर्क रुख रखना होगा. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार मजबूत थे.
टीसीएस का शेयर 1.14 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.11 प्रतिशत चढ़े. हालांकि, रिलायंस कम्युनिकेशन के शेयर में 3.43 फीसदी की गिरावट आई. डीएलएफ का शेयर 3.35 प्रतिशत, हिंडाल्को 3.14 प्रतिशत, टाटा पावर 2.60 प्रतिशत, हीरो होंडा 2.31 प्रतिशत, भारती एयरटेल 1.68 प्रतिशत, टाटा स्टील 1.53 प्रतिशत, आरईएल इन्फ्रा 1.37 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक 1.19 प्रतिशत लुढ़क गए.
जनवरी-मार्च की तिमाही में जापान की अर्थव्यवस्था में अनुमान से अधिक गिरावट से ज्यादातर एशियाई बाजार कमजोर रहे. जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में 0.43 से 1.89 प्रतिशत की गिरावट आई. हालांकि हांगकांग और सिंगापुर के बाजार 0.66 से एक प्रतिशत तक चढ़े.
विभिन्न वर्गों के सूचकांकों में पूंजीगत वस्तुओं का सूचकांक 353.75 अंक या 2.82 प्रतिशत चढ़ा, वहीं तेल एवं गैस 106.39 या 1.16 प्रतिशत मजबूत रहा. वहीं दूसरी ओर रीयल्टी सूचकांक में 60.84 अंक या 2.87 प्रतिशत की गिरावट आई. धातु सूचकांक 148.14 अंक या 0.98 प्रतिशत लुढ़का.