रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने कहा कि उनका देश भारत को एलएनजी की आपूर्ति बढ़ाएगा. दोनों देशों के प्रमुख कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारतीय कंपनियों की रूस के तेल एवं गैस क्षेत्र में दिलचस्पी है.
भारत में गैस की खपत वर्ष 2020 तक 70 फीसदी होने की उम्मीद है. मेदवेदेव ने कहा कि भारत की उर्जा जरूरतों को देखते हुए उनका देश गैस की आपूर्ति बढ़ाएगा.
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के मुद्दे पर संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारतीय पक्ष ने रूस में नई परियोजनाओं में ओएनजीसी-ओवीएल के जरिये इक्विटी भागीदारी में रूचि की बात दोहरायी है.
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की विदेश इकाई ओएनजीसी विदेश ने सखालिन-3 तेल एवं गैस फील्ड में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा रूस से प्राकृतिक गैस के आयात में रूचि जतायी है.
ओवीएल 2006 से रूस के तेल एवं गैस फील्ड में हिस्सेदारी को लेकर रूचि जता रही है लेकिन मास्को ने अब तक सकारात्मक जवाब नहीं दिया है.