हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा ने रेणुका (आरक्षित) विधानसभा सीट कांग्रेस से छीन ली है लेकिन उसे अपनी परंपरागत सीट नालागढ़ में कांग्रेस से पराजय का सामना करना पड़ा है.
रेणुका सीट पर भाजपा के हृदयराम ने कांग्रेस के विनय कुमार को 3,526 मतों से हराया. राम को 20,804 वोट और उनके प्रतिद्वन्द्वी को 17,278 वोट मिले.
नालागढ़ सीट पर कांग्रेस के लखविंदर सिंह राणा ने भाजपा की गुरनाम कौर को 1598 मतों से हराया. सीधे मुकाबले में उन्हें 28,797 मत और उनकी एकमात्र प्रतिद्वन्द्वी गुरनाम कौर को 27,199 मत मिले.
सहानुभूति लहर का लाभ उठाने की उम्मीद कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही थी. कांग्रेस ने रेणुका सीट पर छह बार विधायक चुने गए प्रेम सिंह के पुत्र विनय कुमार को प्रत्याशी बनाया था. नालागढ़ सीट पर भाजपा ने पूर्व विधायक हरी नारायण सिंह की विधवा गुरनाम कौर को टिकट दी थी. लेकिन सहानुभूति लहर या वंशवाद दोनों उम्मीदवारों के काम न आया.
वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 3200 से अधिक मतों से रेणुका सीट जीती थी, लेकिन लोकसभा चुनावों में इस विधानसभा सीट से भाजपा को 3885 मतों की बढ़त मिली थी. वर्ष 1977 में इस सीट से जनता पार्टी और 1990 में जनता दल की विजय हुई थी. इन दो चुनावों को छोड़ कर हमेशा इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा.
हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार भाजपा ने यह सीट जीती है. नालागढ़ सीट पर भाजपा को 1998, 2003 और 2007 में जीत मिली थी, लेकिन विधायक हरिनारायण सिंह के निधन से रिक्त हुई इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखने में इस बार भाजपा नाकाम रही.