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नोएडा फ्लैट खरीददारों को मिले ब्याजसहित रिफंडः सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि जिन क्रेताओं ने विवादास्पद नोएडा आवासीय परियोजना में निवेश किया था वे बिल्डरों से अपने पूरे धन को ब्याज सहित वापस (रिफंड) पाने के पात्र होंगे.

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उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि जिन क्रेताओं ने विवादास्पद नोएडा आवासीय परियोजना में निवेश किया था वे बिल्डरों से अपने पूरे धन को ब्याज सहित वापस (रिफंड) पाने के पात्र होंगे.

न्यायाधीश जीएस सिंघवी तथा एके गांगुली की खंडपीठ ने यह व्यवस्था दी. न्यायालय ने कहा कि क्रेताओं को अपना धन उचित ब्याज दर के साथ वापस मिलना चाहिए और अगर बिल्डर पूर्व भुगतान से इनकार करते हैं तो वे उचित कानूनी उपचार लेने को आजाद होंगे.

इस आदेश का फायदा 6000 से अधिक लोगों को मिलेगा जिन्होंने ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली तथा अन्य प्रमुख बिल्डरों के आवासीय परिसरों में फ्लैट बुक करवाये थे.

उल्लेखनीय है कि इसी खंडपीठ ने छह जुलाई को ग्रेटर नोएडा भूमि प्राधिकार द्वारा 156 हेक्टेयर से अधिक भूमि के अधिग्रहण को खारिज कर दिया था.

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यदि अधिग्रहण को रद्द नहीं किया गया तो यह बहुत अन्याय होगा क्योंकि इससे किसानों की आजीविका जुड़ी हुई है.

न्यायालय ने कहा कि इस मामले में केवल इस बात को ध्यान में रखकर आगे बढ़ा जाएगा कि बिल्डरों से प्रापर्टी लेने के उद्देश्य से बहुत सारे निवेशकों ने इसमें अपनी राशि लगायी है तो यह किसानों के साथ बहुत अन्याय होगा.

न्यायालय ने कहा, ‘यद्यपि यह स्पष्ट किया जाता है कि फ्लैट बुक करने के लिए बिल्डरों को राशि का भुगतान करने वाले अपनी राशि उचित ब्याज के साथ वापस पाने के अधिकारी हैं. यदि बिल्डर राशि वापस करने से इनकार करते हैं तो प्रभावित लोग उचित कानूनी उपचारात्मक उपाय करने के लिए स्वतंत्र हैं.’

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