विकीलीक्स खुलासे का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से खंडन किये जाने के बावजूद विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी रखा, जिसके कारण बैठक तीन-तीन बार के स्थगन के बाद मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
प्रधानमंत्री ने इन आरोपों का पूरी तरह खंडन किया कि संप्रग-एक सरकार या कांग्रेस पार्टी के किसी भी सदस्य ने 2008 के दौरान लोकसभा में विश्वास मत जीतने के लिए कोई गैर कानूनी जरिया अपनाया था.
विश्वास मत के दौरान सांसदों को कथित रिश्वत दिये जाने को लेकर विकीलीक्स खुलासे पर विपक्ष के गुरुवार से जारी हंगामे और प्रधानमंत्री के बयान की मांग के बाद सिंह ने शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में कहा, सरकार या कांग्रेस के किसी भी सदस्य ने विश्वास मत जीतने के लिए कोई गैर कानूनी तरीका नहीं अपनाया.’ {mospagebreak}
दोनों ही सदनों में विपक्ष के नेताओं ने बयान के बाद अपनी बात रखनी चाही लेकिन आसन ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी इजाजत नहीं दी, जिसके बाद हुए हंगामे के कारण दोनों ही सदनों की बैठक तीन-तीन बार के स्थगन के बाद अंतत: मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
विकीलीक्स खुलासे में लगाये गये आरोपों को दृढ़ता से नकारते हुए प्रधानमंत्री ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि यह दुर्भाज्ञपूर्ण है कि विपक्ष अपुष्ट और अटकलबाजी पर आधारित रिपोर्ट को सम्मान दे रहा है.
इस मुद्दे पर गुरुवार को भी दोनों सदनों में बैठक दिन भर बाधित रही थी और शुक्रवार को भी सुबह से हंगामा जारी था. मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने प्रधानमंत्री के बयान पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि विश्वास मत का सबसे बड़ा लाभ प्रधानमंत्री को मिला. {mospagebreak}पार्टी ने सवाल किया कि 14वीं लोकसभा द्वारा नियुक्त समिति की सिफारिशों के बावजूद सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से क्यों नहीं कराई?
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री के संसद में वक्तव्य के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘भले ही आप कह रहे हैं कि आप (मनमोहन) अपराधी नहीं हैं लेकिन विश्वास मत की सफलता में हुए अपराध के आप भी लाभार्थी हैं.
उन्होंने संसद में बयान देने से पहले इंडिया टुडे कान्क्लेव में प्रधानमंत्री द्वारा इस संबंध में वक्तव्य दिये जाने को संसद की अवमानना करार दिया. उधर संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष की मांग पर प्रधानमंत्री ने बयान दे दिया है इसलिए संसद की कार्यवाही अब चलने देनी चाहिए.