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तीन-चौथाई बहुमत के साथ नीतीश की वापसी

बिहार में विकास की प्रबल जनाकांक्षा ने जाति और धर्म की बाड़ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जनता दल (यूनाइटेड)-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन को विधानसभा चुनाव में तीन चौथाई बहुमत के साथ पुन: सत्ता सौंप दी.

बिहार में विकास की प्रबल जनाकांक्षा ने जाति और धर्म की बाड़ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जनता दल (यूनाइटेड)-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन को विधानसभा चुनाव में तीन चौथाई बहुमत के साथ पुन: सत्ता सौंप दी.
अब तक घोषित परिणामों में से 199 सीटें गठबंधन के पक्ष में जा चुकी हैं और सात पर वह आगे है. पिछले चुनावों में उसे राज्य की 243 में से 143 सीटें मिली थीं.

लालू प्रसाद के राष्ट्रीय जनता दल और उनके गठबंधन सहयोगी रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी की सीटें पहले के 64 की तुलना में आधे से भी कम करीब 25 होती दिख रही हैं. अपना सूपड़ा साफ करने वाले इन चुनाव परिणामों को राजग-लोजपा गठबंधन ने ‘रहस्यमयी’ बताते हुए संशय खड़ा किया है. राजद को अब तक 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है जबकि तीन पर आगे चल रही है. लोजपा को तीन सीटों पर जीत हासिल हुई है.

अकेले चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस की नैया को युवराज राहुल गांधी भी पार नहीं लगा पाए और पार्टी का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन सामने आया है. कांग्रेस ने महज चार सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि पिछले चुनाव में उसे नौ सीटें मिली थीं.

चुनाव परिणाम पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई देने वालों में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हैं. लालू प्रसाद ने नीतीश को बधाई दी पर कहा, ‘मैं भाजपा को बधाई नहीं दूंगा.’’ नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठबंधन सरकार शुक्रवार को शपथ ग्रहण के साथ अपनी दूसरी पारी शुरू करेगी.{mospagebreak}

राजद.लोजपा गठबंधन के कई धुरंधर चुनावी समर में धराशायी हुए. यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सोनपुर और राघोपुर सीट दोनों से हार गयीं. राम विलास पासवान के दोनों भाई रामचंद्र पासवान कुशेश्वर स्थान और प्रदेश लोजपा अध्यक्ष पशुपतिनाथ पारस अलौली से चुनाव हार गए. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी महबूब अली कैसर सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव हार गए. हारने वाले अन्य प्रदेश अध्यक्षों में देवगौड़ा के जनता दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष ददन यादव डुमरांव और ब्रह्मपुर दोनों जगह से पराजित हुए. अब तक के नतीजों के अनुसार सत्तारूढ़ राजग ने विपक्षी दलों को हाशिए पर धकेल दिया और अरसे बाद बिहार विधानसभा में किसी विपक्षी दल को ‘विपक्ष के नेता’ का वैधानिक पद नहीं मिल पायेगा. इस पद के लिए नियमत: कुल सीटों की संख्या का 10 प्रतिशत सीट जीतना जरूरी है जबकि राजद की लालटेन 22 पर जाकर बुझती नजर आ रही है.

कांग्रेस को भी जोरदार झटका लगा है . प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संप्रग और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं महासचिव राहुल गांधी के प्रयासों के बावजूद उसे पिछली बार की नौ सीटों की तुलना में सिर्फ चार सीटों पर ही जीत मिली.

भाकपा को एक सीट पर विजयश्री नसीब हुई जबकि झामुमो को एक सीट तथा अन्य को छह सीटें मिलीं. बिहार के विभाजन के बाद झामुमो ने पहली बार राज्य में खाता खोला है.{mospagebreak}

चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ‘वह इसे अपनी या अपने गठबंधन की जीत के तौर पर नहीं बल्कि बिहार के लोगों की जीत मानते हैं.’ उन्होंने कहा ‘मैं विनम्रतापूर्वक बिहार के लोगों को एक ही वचन देना चाहूंंगा कि जिस प्रकार से हमने पांच साल मेहनत की है, उसी प्रकार से या कुछ मायनों में शायद उससे भी ज्यादा मेहनत हम सब को करनी पड़ेगी.’

विधानसभा चुनाव में अपने गठबंधन की पराजय को स्वीकार करते हुए लालू प्रसाद ने कहा, ‘हम जनता के मत को आदर के साथ स्वीकार करते हैं. हमारे मन में किसी के बारे में कोई कटुता नहीं है. लेकिन हम इस जादुई परिणाम के रहस्य का पता लगायेंगे और एक महीने में इसे उजागर करेंगे क्योंकि बिहार में कोई भी रहस्य कभी छिपा नहीं रहता.’

लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा, ‘हम नीतीश कुमार सरकार के छल प्रपंच और भ्रष्टाचार को जनता के सामने रखने में विफल रहे. हम देखेंगे कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार का महल बनायेंगे या विकास का.’ विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे 25 मंत्रियों में से 20 को जीत हासिल हुई जबकि पांच मंत्री पराजित हुए हैं . चुनाव जीतने वाले 20 मंत्रियों में 13 जद यू के तथा शेष सात भाजपा के हैं. विधानसभा अध्यक्ष तथा जद यू नेता उदय नारायण चौधरी इमामजंग :अजा: सीट से विजयी रहे.

चुनाव में पराजित होने वाले प्रमुख नेताओं में जेल में बंद बहुबली नेता आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद शामिल है. लवली आलमनगर सीट से चुनाव हार गई. कांग्रेस टिकट पर बिहारीगंज सीट से चुनाव लड़ रहीं पप्पू यादव की पत्नी रंजीता रंजन भी चुनाव हार गयी हैं. कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे राबड़ी देवी के भाई साधु यादव भी चुनाव हार गए हैं.

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