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मोदी के उपवास का आखिरी दिन, सुषमा सहित राज ठाकरे जुटे

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के उपवास का आखिरी दिन है. 17 सितंबर को मोदी ने सद्भावना उपवास शुरू किया था और आज शाम वो इसे खत्म करेंगे.

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नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के उपवास का आखिरी दिन है. 17 सितंबर को मोदी ने सद्भावना उपवास शुरू किया था और आज शाम वो इसे खत्म करेंगे.

इंतजार इस बात का कि उपवास तोड़ने के बाद क्या बोलेंगे नरेंद्र मोदी. अटकलें हैं कि मोदी आज कोई बड़ी बात कह सकते हैं. 

तस्‍वीरों में देखें नरेंद्र मोदी का अब तक का सफरनामा

नरेंद्र मोदी का हाईप्रोफाइल उपवास आज शाम साढ़े पांच बजे खत्म हो जाएगा. लेकिन इस उपवास के लिए हाईप्रोफाइल नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है.

आज मोदी के साथ मंच पर दिखनेवाली हैं बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमामालिनी. हेमा के साथ बीजेपी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन भी आई हैं. 

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इसके अलावा उत्तराखंड के मंत्री भी आए हैं मोदी के उपवास में शिरकत करने के लिए. बीजेपी के नेता तो आ ही रहे हैं. जेडीयू छोड़कर शिवसेना के नेता भी आ चुके हैं. लेकिन सबसे हैरत की बात ये है कि इस उपवास के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के संस्थापक और अध्यक्ष राज ठाकरे भी अहमदाबाद पहुंच गए हैं. 

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देशवासियों के नाम नरेंद्र मोदी की चिट्ठी

वैसे तो राज ठाकरे का ना बीजेपी और ना ही एनडीए से कोई नाता है. लेकिन सत्ता और सियासत सीखने के लिए वो पिछले दिनों नरेंद्र मोदी से मिलने जरूर आए थे. और फिर वो आए हैं मोदी के उपवास में शिरकत करने के लिए.

राज ठाकरे की शिरकत के बाद मोदी पर भड़के बाल ठाकरे
बीजेपी के अलावा मोदी के साथ भले ही कई दलों के नेता दिख रहे हैं. शिवसेना भी कलतक मोदी के मंच पर खड़ी थी. लेकिन आज राज ठाकरे अहमदाबाद क्या पहुंचे कि शिवसेना सुप्रीमो के तेवर ही बदल गए.

बाल ठाकरे ने सामना में लिखा है कि ये लड़ाई मोदी की है या गद्दी की. ठाकरे मानते हैं कि मोदी का ये उपवास मीडिया का ध्यान जुटाने के लिए है.

मोदी के अनशन पर जवाबी सियासत जारी

ठाकरे का आरोप हैं कि मोदी अब बीजेपी से आगे हो गए हैं. आरोप ये भी हैं कि आडवाणी समेत तमाम नेता मोदी की तारीफ में लगे हुए हैं.

ठाकरे ने चेतावनी दी है कि महाराष्ट्र के नेता गुजरात की तारीफ में अपने राज्य को पीछे ना बताएं.

उन्होंने मोदी को भी चेतावनी दी है कि जिस हिंदुत्व ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है, उसे भूलकर दिल्ली की गद्दी नहीं मिल सकती.

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