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भ्रष्टाचारियों की मुखिया हैं मायावती: कलराज मिश्र

उत्तर प्रदेश में सियासी नूराकुश्ति जारी है और सभी पार्टियां एक दूसरे पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य कलराज मिश्र का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भ्रष्टाचारियों का एक गिरोह है और मुख्यमंत्री मायावती उसकी मुखिया हैं.

मायावती मायावती

उत्तर प्रदेश में सियासी नूराकुश्ति जारी है और सभी पार्टियां एक दूसरे पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य कलराज मिश्र का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भ्रष्टाचारियों का एक गिरोह है और मुख्यमंत्री मायावती उसकी मुखिया हैं.

कलराज मिश्र ने कहा कि मायावती भले ही भ्रष्ट मंत्रियों को हटा रही हों, फिर भी विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें हटाएगी. उन्होंने कहा कि बसपा सरकार से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी प्रदेश को जमकर लूटा था.

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी भले ही जनता के बीच बेहतर छवि प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन केंद्र में हुए एक के बाद एक घोटाले इस बात का प्रमाण हैं कि उनकी पार्टी भी लूट के मामले में किसी से पीछे नहीं है.

विधानसभा चुनाव के बाद की सम्भावनाओं के बारे में पूछे जाने पर मिश्र ने कहा कि जिस तरह का राजनीतिक माहौल बन रहा है, उससे लगता है कि चुनाव के बाद प्रदेश में भाजपा बेहतर स्थिति में होगी और पार्टी का वर्चस्व स्थापित होगा. यह पूछे जाने पर कि पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी करने में देरी क्यों कर रही है, उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया चल रही है, दो जनवरी तक सभी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी.

प्रदेश विभाजन के मायावती के प्रस्ताव के सवाल पर मिश्र ने कहा कि यह पूरी तरह एक राजनीतिक स्टंट था, जिसे लोगों को गुमराह करने के लिए लाया गया था. प्रदेश के विभाजन की न तो किसी ने मांग उठाई थी और न ही किसी तरह का जन-दबाव था, फिर भी मायावती ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए यह सियासी चाल चली थी.

यह पूछे जाने पर कि स्टार प्रचारकों में नरेंद्र मोदी शामिल होंगे या नहीं, उन्होंने कहा कि पार्टी अपने स्टार प्रचारकों को इस महासमर में जरूर उतारेगी और इसमें मोदी भी शामिल होंगे.

पिछड़ों के 27 फीसदी आरक्षण के कोटे में से मुस्लिम समुदाय को साढ़े चार फीसदी आरक्षण दिए जाने के मसले पर कलराज ने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान नहीं है. कांग्रेस ने यह गैर संवैधानिक कार्य किया है. कांग्रेस-नीत केंद्र सरकार ने पिछड़ों के साथ विश्वासघात किया है और कांग्रेस को इसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा.

यह पूछे जाने पर कि क्या विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा किसी अन्य पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाना पसंद करेगी, मिश्र ने कहा, 'मुझे लगता है कि विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी अच्छी स्थिति में होगी. परिस्थति को देखकर ही अगली रणनीति तय की जाएगी.'

लोकपाल के मुद्दे पर कलराज ने कहा कि सरकार जो विधेयक लेकर आई थी, वह काफी कमजोर था. भाजपा उसमें कुछ संशोधन चाहती थी लेकिन सरकार ने जानबूझकर सदन में हंगामा करवाया और संसदीय मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करा दिया. यह जनता के साथ धोखा है.

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