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वाराणसी ब्‍लास्‍ट: बच्‍ची को छोड़कर फरार हुए जोड़े पर शक

वाराणसी बम ब्लास्ट में ठोस सुराग मिलता नजर आ रहा है. घाट पर लावारिस मिली डेढ़ साल की बच्ची का घर तो मिल गया है, लेकिन उसके मां-बाप फरार हैं. शक है कि वो आतंकवादियों का जोड़ा था और बच्ची को दोनों ने अगवा कर रखा था.

वाराणसी बम ब्लास्ट में ठोस सुराग मिलता नजर आ रहा है. घाट पर लावारिस मिली डेढ़ साल की बच्ची का घर तो मिल गया है, लेकिन उसके मां-बाप फरार हैं. शक है कि वो आतंकवादियों का जोड़ा था और बच्ची को दोनों ने अगवा कर रखा था.

वाराणसी में हुए बम ब्लास्ट के दिन एक संदिग्ध जोड़ा दो बच्चियों के साथ दशाश्वमेघ घाट पहुंचा था. ब्लास्ट के बाद बाकी लोगों की भीड़ में वो जोड़ा भी घाट से भागा, लेकिन भेलूपुर के नेहरू एक्सटेंशन में अपने किराये के मकान तक पहुंचा. वहां दोनों ने अपना सामान समेटा और जब वाराणसी में धमाकों की चीख-पुकार मची थी, उसी वक्त दोनों ने शहर छोड़ दिया. ये घाट पर मिली इसी लावारिस बच्ची के मां-बाप थे. सूत्रों के मुताबिक, उस जोड़े पर ही है वाराणसी ब्लास्ट का शक. शक है कि उसी जोड़े ने घाट पर बम रखा था.

ब्लास्ट के बाद दशाश्वमेघ घाट पर मिली डेढ़ साल की बच्ची को लोगों ने गले से लगाए रखा. जब छानबीन के बाद पुलिस इसके घर पहुंची, तो वहां इसके मां-बाप गायब मिले. मकान मालकिन के मुताबिक धमाके वाले दिन दोनों कैसे गायब हो गए, ये उन्हें नहीं पता.{mospagebreak}

संदिग्ध जोड़ा वाराणसी के इस मकान में सिर्फ दस दिन पहले रहने के लिए आया था. पति ने अपना नाम नीलेश पांडेय बताया था और पत्नी ने गीता पांडेय. दोनों ने बताया था कि वे उत्तर प्रदेश में बलिया के रहने वाले हैं, दोनों ने एक महीने के अंदर भेलूपुर में तीसरा मकान बदला था. पड़ोसी इस जोड़े के बारे में इस वजह से भी ज्यादा जान नहीं पाए, क्योंकि शौहर खुद को गार्ड बताता था, रात में नौकरी करता था और दिनभर घर में सोता था. पुलिस की तफ्तीश अब उसी जोड़े की ओर है, जो बम धमाके के बाद वाराणसी से फरार हो गया और अपने पीछे छोड़ गया कई सवाल.

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