उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में रोजा रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को हिमगिरि एक्सप्रेस ट्रेन की बोगियों की छत पर बैठे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) भर्ती के अभ्यर्थियों के पुल से टकराकर गिरने से घायल हुए पांच और युवकों की बुधवार को इलाज के दौरान मौत होने से इस हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़कर 20 हो गई है.
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी अजय चौहान ने बताया कि हादसे में बुरी तरह घायल हुए पांच और लोगों की आज मृत्यु हो गई. इसके साथ दुर्घटना में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. लखनउ मेडिकल विश्वविद्यालय में आज चार लोगों की मौत हुई वहीं एक घायल अभ्यर्थी की शाहजहांपुर के अस्पताल में दम तोड़ दिया.
हिमगिरि ट्रेन हादसे को लेकर केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने कल कहा था कि आईटीबीपी ने राज्य पुलिस को भर्ती प्रक्रिया के बारे में पूर्व सूचना दे दी थी लेकिन राज्य पुलिस ने जरूरी इंतजाम नहीं किये.
दूसरी ओर प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल ने कहा कि आईटीबीपी ने भर्ती फार्म जमा करने के लिये करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थियों को बुलाया था लेकिन उसने राज्य सरकार से अपेक्षित तालमेल नहीं दिखाया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ. बृजलाल आज भी अपने बयान पर कायम रहे.{mospagebreak}
उधर, बरेली में कल आयोजित हुए आईटीबीपी भर्ती शिविर से लौट रहे एक युवक की हरदोई के बालामउ स्टेशन के पास त्रिवेणी एक्सप्रेस से गिरने से मौत हो गई थी.
गौरतलब है कि कल बरेली में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस भर्ती शिविर में करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी पहुंचे थे. वहां से लौटते वक्त सैकड़ों अभ्यर्थी हिमगिरि एक्सप्रेस की बोगियों की छत और इंजन पर बैठ गए थे. रास्ते में शाहजहांपुर और रोजा स्टेशन के बीच तथा हरदोई जिले में एक पुल से टकराने से कई अ5यर्थी नीचे गिर गए थे जिनमें मरने वालों की संख्या 20 हो चुकी है. जबकि अनेक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है.
बृजलाल ने आज कहा आईटीबीपी के अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी ने जिला प्रशासन को सिर्फ एक साधारण पत्र लिखकर भर्ती शिविर के आयोजन की जानकारी दी थी.
आमतौर पर इस तरह के आयोजनों से पहले सरकार तथा उच्च पदस्थ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाती है और समुचित तालमेल स्थापित किया जाता है.’ उन्होंने कहा कि आईटीबीपी अधिकारी भर्ती शिविर में आने वाले अभ्यर्थियों की सम्भावित संख्या का अंदाजा लगाने में नाकाम रहे.
बृजलाल ने कहा ‘आईटीबीपी ने 11 राज्यों से अभ्यर्थियों को भर्ती शिविर में बुलाया था और इस हादसे के लिये स्थानीय प्रशासन या पुलिस कतई जिम्मेदार नहीं है.’ इस बीच, रेलवे सुरक्षा बल के मुख्य आयुक्त आर. के. कर्दम ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है. कर्दम और मंडलीय रेल प्रबंधक रमेश चन्द्र ने आज दोपहर घटनास्थल पहुंचकर हादसे की वजह बने पुल और उग्र अभ्यर्थियों द्वारा जलाई गई बोगियों का निरीक्षण किया.