केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रॉबर्ट वाड्रा के बचाव में आते हुए कहा है कि जब तक फायदे के लिए लेन-देन का विशिष्ट आरोप दायर नहीं किया जाता है तब तक सरकार किसी निजी सौदे की जांच नहीं कर सकती है.
वाड्रा ने हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया: केजरीवाल
चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि सरकार तब तक निजी सौदों की जांच नहीं कर सकती है जब तक किसी एक चीज के बदले दूसरी चीज के मिलने के खास आरोप न लगें.
अरविंद केजरीवाल और उनके तैयार हो रहे राजनीतिक दल के शीर्ष नेता और मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया है कि रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ़ ने रॉबर्ट वाड्रा को कई मकान बहुत सस्ते दामों पर दिए, जो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और कंपनी के बीच बड़ी लेन-देन का हिस्सा थे. इसके बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने वाड्रा के समर्थन में बयान दिए और चिदंबरम भी पीछे नहीं रहे.
सस्ती लोकप्रियता के लिए लगाए आरोपः रॉबर्ट वाड्रा
इससे पहले मुंबई में शनिवार को भी चिदंबरम ने कहा था कि दो लोगों के बीच किसी सौदे को सिर्फ भ्रष्टाचार के शक पर कठघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता है. चिदंबरम ने कहा कि मुझे इन आरोपों की सच्चाई या झूठ का पता नहीं है. दो निजी लोगों के बीच के सौदे पर भ्रष्टाचार के अंतर्निहित काम होने के शक का सवाल नहीं उठाया जा सकता है.