उत्तराखंड में पिछले एक पखवाड़े से जारी वर्षा के चलते गढवाल मंडल में स्थित चारधाम मार्ग में से गंगोत्री और बद्रीनाथ मार्ग पर भारी मलबा आने के चलते बंद करना पड़ा. हालांकि, मार्ग को साफ करने के लिये सीमा सडक संगठन तथा लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हिन्दुओं के सर्वोच्च तीर्थ बद्रीनाथ मार्ग पर कर्णप्रयाग के पास पहाड़ी से मलबा आने से बद्रीनाथ मार्ग को भी बंद करना पडा, जिससे भारी तादाद में यात्री फंसे गये हैं.
सूत्रों के अनुसार केदारनाथ और यमुनोत्री मार्ग पर यातायात जारी है. इन मार्गों पर वर्षा भी नहीं हो रही है.
सूत्रों ने बताया कि गंगनानी के पास सड़क पर मलबा आने से रिषिकेश- गंगोत्री मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. इन दोनों मार्गों पर यात्री फंसे हुए हैं. हालांकि, मार्ग को खोलने के लिये युद्धस्तर पर प्रयास जारी है.
दूसरी ओर, राज्य में इस वर्ष जारी वर्षा के चलते के राज्य के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आपदा राहत से संबधित कर्मचारियों की सभी प्रकार की छुट्टियों को रद्द करने का निर्देश पहले से ही दे रखी है.
सूत्रों के अनुसार पिछले एक पखवाड़े से जारी वर्षा के चलते चार धाम यात्रा, मानसरोवर यात्रा तथा दुर्गम क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावनाओं के चलते पूरे राज्य में ‘रेड अलर्ट’ पहले से ही घोषित किया जा चुका है. सूत्रों के अनुसार इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन, चिकित्सा, बिजली, पेयजल, पुलिस, तथा लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को छुट्टियों पर रोक जारी है.
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा के चलते अब तक दो महिलाओं सहित 11 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है और करीब पचास घायल हुये हैं.
सूत्रों के अनुसार, हिन्दुओं के सर्वोच्च तीर्थ बद्रीनाथ मार्ग पर कर्णप्रयाग के पास पहाड़ की उंचाई से भारी मलबा आ गया, जिसके चलते इस मार्ग को फिलहाल बंद कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि मलबे को साफ करने के लिये सीमा सडक संगठन के कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है.
सूत्रों के अनुसार, रिषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के पास वर्षा के चलते आये भारी मलबे को भी हटाने का काम शुरू कर दिया गया है.
राज्य के विभिन्न हिस्सों में जारी वष्रा के चलते आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. जलजमाव के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सूत्रों के अनुसार राज्य में मुख्यमार्गों के अतिरिक्त करीब 60 की संख्या में अन्य संपर्क मार्गों पर जगह जगह मलबा आया हुआ है, जिससे उन मार्गों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है. इसके चलते उस मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने बताया कि बंद पडे मार्गों पर मलबे को साफ कराने के लिये युद्धस्तर पर कार्रवाई की जा रही है. जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मलबे को जल्द से जल्द साफ कर वाहनों के लिये खोल दिया जाये.
सूत्रों ने बताया कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी रुक-रुक कर वर्षा होती रही, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने करवट ले ली है. कुछ इलाकों में तो लोगों ने गर्म कपड़े भी निकाल लिये हैं.
सूत्रों के अनुसार राजधानी देहरादून में कई मोहल्लों में सडकों पर पानी भरा रहा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कुछ इलाकों के निचले हिस्सों में पानी आ जाने से लोग ऊपरी हिस्से में रहने के लिये मजबूर हैं.