बॉम्बे हाईकोर्ट ने कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को जमानत दे दी है और साथ ही उनकी रिहाई के आदेश भी दे दिए हैं. अदालत ने त्रिवेदी को 5000 रुपये के मुचलके पर जमानत दी. गौरतलब है कि असीम की रिहाई के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. असीम पर देशद्रोह का आरोप है.
इससे पहले मंगलवार को ही बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर पुलिस कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को गिरफ्तार करने के पर्याप्त आधार नहीं बता पाई तो अदालत उसकी रिहाई का आदेश दे देगी. मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति नितिन जामदार की खंडपीठ ने हालांकि पुलिस को उच्च अधिकारियों से इस बारे में निर्देश लेने के लिए एक घंटे का वक्त दिया कि असीम को हिरासत में रखने की जरूरत है या नहीं.
यह खंडपीठ वकील संस्कार मराठे की जनहित याचिका पर पीठ सुनवाई कर रही थी. इसमे दावा किया गया है कि असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ देशद्रोह के आरोप लगाना अवैध और अन्यायोचित है. याचिकाकर्ता ने त्रिवेदी को जेल से रिहा करने का अनुरोध किया था.
असीम के समर्थन में उतरे समर्थक
इससे पहले मुंबई पुलिस द्वारा कथित विवादास्पद कार्टून मामले में गिरफ्तार किए गए अन्ना हजारे के समर्थक व राजनीतिक कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की रिहाई की मांग को लेकर सैंकड़ों स्थानीय लोगों ने सोमवार को कानपुर में केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल के निवास के बाहर प्रदर्शन कर उनका घेराव किया था. 'मुंबई पुलिस हाय-हाय', 'असीम को रिहा करो' के नारे लगाते हुए सैकड़ों लोगों ने कानपुर से जायसवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया.
असीम के पिता अशोक त्रिवेदी ने जायसवाल से रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा था. अशोक ने कहा कि असीम ने भ्रष्टाचार को कार्टून के जरिए दर्शाया था. उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है. जायसवाल ने असीम की रिहाई में मदद का भरोसा देते हुए कहा था कि मैं पता लगाऊंगा कि उन्हें किन आरोपों में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया. इस सम्बंध में मैं महाराष्ट्र के गृह मंत्री से भी बात करूंगा.
क्या हैं आरोप?
कानपुर निवासी असीम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक कार्टून अपनी वेबसाइट पर जारी किया था. 25 वर्षीय त्रिवेदी इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता हैं और उन्हें शनिवार को मुम्बई पुलिस ने कुर्ला से गिरफ्तार किया था.