सीबीआई ने हैदराबाद में 2007 में हुए मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में संलिप्तता के आरोपी जतिन चटर्जी उर्फ ‘स्वामी असीमानंद’ को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. मक्का मस्जिद विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गयी थी.
अब तक गिरफ्तारी से बच रहे स्वामी को अभिनव भारत का विचारक माना जाता है. अभिनव भारत पर वर्ष 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए विस्फोट मामले में संलिप्तता के आरोप हैं. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि स्वामी के हरिद्वार में मौजूद होने की जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने शुक्रवार तड़के उन्हें गिरफ्तार कर लिया. 59 वर्षीय स्वामी असीमानंद का नाम स्वामी ओंकारनाथ भी है.
स्वामी को अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अजय पांडे की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने 48 घंटे के भीतर स्वामी को हैदराबाद की एक अदालत में पेश करने की सीबीआई की अर्जी स्वीकार कर ली. सीबीआई के अनुसार, स्वामी का नाम संदीप दर्गे और राम चंद्र कालसांगरा उर्फ रामजी जैसे मामले के अन्य आरोपियों की सूची में शामिल है.
सीबीआई का दावा है कि स्वामी हरिद्वार में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे और उन्होंने फर्जी परिचय पत्र भी हासिल किये. सीबीआई ने स्वामी के पास से कोलकाता से जारी हुआ पासपोर्ट, एक राशन कार्ड और हरिद्वार प्रशासन द्वारा जारी मतदाता परिचय पत्र जब्त किया है. स्वामी का नाम मक्का और अजमेर विस्फोट मामले में भी आया था. लेकिन जांच एजेंसी को स्वामी की मौजूदगी के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था. {mospagebreak}
सूत्रों ने कहा कि स्वामी की तलाश 2009 के बाद से शुरू हुई जब सुरक्षा एजेंसियों को यह ठोस जानकारी मिली की कि आरोपी अपने भेष बदलता है. सूत्रों के मुताबिक, स्वामी की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिलने के बाद सीबीआई तथा एटीएस (महाराष्ट्र) ने वर्ष 2009-10 में मध्य प्रदेश और गुजरात के विभिन्न स्थानों की तलाशी ली.
बहरहाल, स्वामी हमेशा अपनी गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहे. हैदराबाद की मक्का मस्जिद में 18 मई 2007 को विस्फोट होने के बाद नौ लोगों की मौत हो गयी थी. विस्फोट के तुरंत बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में पांच और लोग मारे गये थे.
वनस्पति विज्ञान में स्नातक असीमानंद पश्चिम बंगाल के हूगली के निवासी है जो नब्बे के दशक के अंत में दक्षिणी गुजरात के डंग आदिवासियों के क्षेत्र में रहने आये. स्वामी का नाम मालेगांव विस्फोट की जांच के दौरान भी सामने आया जब महाराष्ट्र की एटीएस को मामले की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से स्वामी के वाहन चालक का नंबर मिला.